आजादी के आठ दशक बाद भी कांग्रेस का 'वंदे मातरम' के प्रति कोई सम्मान नहीं: नितिन नवीन
नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय नई दिल्ली में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के अपमान के आरोप ने सियासत तेज कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आजादी के आठ दशक बाद भी कांग्रेस का ‘वंदे मातरम’ के प्रति कोई सम्मान नहीं है।
नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि एक बार फिर साबित हो गया कि आजादी के आठ दशक बाद भी कांग्रेस का ‘वंदे मातरम’ के प्रति कोई सम्मान नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में जब राष्ट्रगीत गाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी ने उसे रोकने का इशारा किया। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि कांग्रेस की विकृत सोच का कड़वा सच है। जो पार्टी ‘भारत माता’ के इस पावन गीत से असहज हो जाती है, वह भारतीयता से कितनी जुड़ी है, यह देश की जनता अच्छी तरह समझ चुकी है।
वहीं, एक और पोस्ट में नितिन नवीन ने कहा कि केरलम में तो कांग्रेस सरकार ने हदें पार करते हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह से ‘वंदे मातरम्’ को पूरी तरह हटा दिया। कट्टरपंथियों के सामने घुटने टेकना अब कांग्रेस की स्थायी नीति बन चुकी है। तुष्टिकरण की गंदी राजनीति के लिए उन्होंने उन हजारों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है, जिन्होंने इसी गीत को अपने होठों पर सजाकर देश के लिए बलिदान दिया था।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक गीत रोकने की घटना नहीं, बल्कि उस परिवारवादी अहंकार की निशानी है, जिसके तहत कांग्रेस को भारत की हर उस चीज से चिढ़ है, जिस पर इस राष्ट्र को गर्व है।
वहीं, भाजपा विधायक और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के अपमान पर गहरा दुख जताया है।
नॉर्थ 24 परगना जिले के नैहाटी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चटर्जी ने अपने पत्र में मांग की कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की मशहूर रचना का पूरा वर्जन गाने से जुड़ी घटना के लिए भारत के नागरिकों और खासकर पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना शर्त माफी मांगी जाए।
सुमित्रो चटर्जी ने लिखा, "जब पूरा देश मातृभूमि की पूजा में लगा हुआ था, तब ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में हुई घटनाएं सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक गलती को बेशर्मी से दोहराना थीं।"
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस कार्यकर्ता वंदे मातरम का पूरा वर्जन गा रहे थे, तो सोनिया गांधी की "साफ दिख रही बेचैनी, नाराजगी और उसे रोकने की बार-बार की कोशिशों" से उन्हें बहुत दुख हुआ।
चटर्जी ने लिखा, "एक आम भारतीय नागरिक, एक देशभक्त और सबसे बढ़कर ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार का सीधा वंशज होने के नाते, मैं आज गहरे दुख, खालीपन और पीड़ा के साथ यह पत्र लिख रहा हूं।"
--आईएएनएस
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