आयुष विभाग के छात्रों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
लखनऊ, 8 सितंबर (आईएएनएस)। नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के आयुष छात्रों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के घर के बाहर पहुंचकर स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग की। उनका कहना है कि 2011 से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है और उन्हें एमबीबीएस व बीडीएस डॉक्टरों के बराबर स्टाइपेंड मिले।
नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की छात्रा मारिया ने कहा, "हम अपना स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। हम लोग सरकार का विरोध करने नहीं, बल्कि आग्रह करने आए हैं। हम लोग मरीजों की उतनी ही देखभाल करते हैं, जितना एलोपैथ के डॉक्टर करते हैं। ऐसे में अगर हम बराबर काम कर रहे हैं तो पेमेंट भी समान मिलना चाहिए। हमारी सरकार से मांग है कि स्टाइपेंड में बढ़ोत्तरी करे।"
जलज कुमार यादव ने कहा, "पिछले 15 सालों से हमारी स्टाइपेंड नहीं बढ़ाई गई है। अभी भी स्टाइपेंड 7500 रुपये मिलते हैं। 2011 में एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष के छात्रों की स्टाइपेंड समान थी। इसके बाद एमबीबीएस और बीडीएस के छात्रों की स्टाइपेंड दो बार बढ़ चुकी है लेकिन आयुष छात्रों पर ध्यान नहीं दिया गया। स्टाइपेंड बढ़ाने के नाम पर हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है।
निवेदिका सिंह ने कहा, "हमारी मांग है कि स्टाइपेंड 7500 से बढ़ाकर 25 हजार की जाए। कई साल से हमें स्टाइपेंड सिर्फ 7500 रुपये मिल रहे हैं जबकि अन्य कोर्स में स्टाइपेंड बढ़ाए जा रहे हैं। हमारी मांग है कि उत्तर प्रदेश सरकार अन्य कोर्सों के छात्रों के बराबर स्टाइपेंड दे। इस तरह की मांग पहले भी कई बार कर चुके हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली है। उपमुख्यमंत्री से मिलकर अपना ज्ञापन सौंपना चाहते हैं।"
लव प्रभात ने कहा, "पिछले 15 सालों से हमारे स्टाइपेंड में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। इन 15 वर्षों में बीडीएस और एमबीबीएस छात्रों के स्टाइपेंड में 2 बार वृद्धि हो चुकी है। हम लोग भी ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी में अन्य विभाग के छात्रों के बराबर काम करते हैं। इसलिए हमारी मांग है कि स्टाइपेंड बढ़े। इसी मांग को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मिलने पहुंचे हैं।"
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