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अयोध्या में कथित मछली भोज पर सियासत तेज, कांग्रेस और सपा ने भाजपा को घेरा

अयोध्या में कथित मछली भोज पर सियासत तेज, कांग्रेस और सपा ने भाजपा को घेरा
अयोध्या में कथित मछली भोज पर सियासत तेज, कांग्रेस और सपा ने भाजपा को घेरा

नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। अयोध्या में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर मछली की दावत को लेकर सियासत गरमा गई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने खाने-पीने की पसंद को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आपत्ति जताई है। नेताओं का कहना है कि किसी व्यक्ति के खान-पान को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आप बंगाल में पूरी मछली खा रहे थे। जहां भी चुनाव होता है, आप वहां के स्थानीय कपड़े पहनते हैं और नाटक करते हैं। अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक दलों का व्यवहार और संदेश बदल जाता है। उत्तर भारत में एक नीति, दक्षिण भारत में दूसरी, गोवा में तीसरी और मेघालय में चौथी नीति अपनाई जाती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किसी एक नीति पर टिके क्यों नहीं रहते और देशभर में एक जैसा रुख क्यों नहीं रखते।

वहीं, मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन ने कहा कि जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह निषाद समुदाय का सम्मेलन था। निषाद समाज के काफी लोग मछली पकड़ने, उसके कारोबार और बिक्री से जुड़े हुए हैं। अगर निषाद समाज के लोगों ने मछली से जुड़ा कोई कार्यक्रम आयोजित किया, तो इसमें उन्हें कोई बड़ा अपराध नजर नहीं आता। मछली खाना या न खाना व्यक्तिगत पसंद का विषय है और इसे राजनीतिक विवाद में बदलना उचित नहीं है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अजय राय ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी ने उन्हें मछली खाते हुए देखा है या ऐसा कोई वीडियो मौजूद है, तो उसे सामने लाया जाए। एसटी हसन ने सवाल किया कि जब अजय राय ने मछली खाई ही नहीं, तो फिर उनके खिलाफ इस तरह के आरोप लगाने का आधार क्या है?

एसटी हसन ने कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय जनता से जुड़े वास्तविक सवालों पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कौन क्या खाता है, क्या पहनता है और क्या बोलता है, इन विषयों को बार-बार राजनीतिक बहस का केंद्र बनाना जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला है। उन्होंने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में आम आदमी महंगाई से परेशान है और राजनीतिक दलों को इस पर चर्चा करनी चाहिए। उनके मुताबिक खाने-पीने और पहनावे जैसे मुद्दों को लेकर विवाद खड़ा करना जनता का ध्यान महंगाई और अन्य जरूरी सवालों से हटाने की कोशिश है।

--आईएएनएस

पीएसके

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