Samachar Nama
×

हाथ में थी कुल्हाड़ी, मुंह चला रही थी बीवी, आया गुस्सा, पेड़ की जगह काट दी गर्दन

dasf

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के एक शांत गांव पलपल में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना ने सबको हिला कर रख दिया।

जंगल में उठा तूफान… और खत्म हो गई ज़िंदगी

38 साल का राजेंद्र गुर्जर, एक सीधा-सादा किसान, और उसकी पत्नी रीता, जो चिरौंजी और महुआ बीनकर अपने परिवार का पेट पालते थे— हर दिन जंगल जाना, साथ काम करना, छोटे-मोटे झगड़े और फिर सुलह... यही उनकी दुनिया थी। लेकिन उस दिन 12 बजे दोपहर, जंगल की शांति चीखों में तब्दील हो गई।

एक झगड़े ने तोड़ी रीता की सांसें

पेड़ों की छांव में दोनों के बीच कोई पुराना तनाव फिर उभर आया। बहस बढ़ी और फिर रीता के शब्दों ने राजेंद्र के गुस्से को चिंगारी बना दिया। राजेंद्र के हाथ में लकड़ी काटने की कुल्हाड़ी थी—पर उस दिन वह हथियार बन गई। एक वार… और रीता की गर्दन से जीवन की डोर टूट गई।

हत्या के बाद आत्मग्लानि… और फिर खुदकुशी

जैसे ही खून से सनी रीता ज़मीन पर गिरी, राजेंद्र के होश उड़ गए। वो जान गया था कि उसने अपनी दुनिया खत्म कर दी है। पास ही एक पेड़, एक डाली और रीता की साड़ी के टुकड़े से उसने फांसी का फंदा बनाया… और खुद को लटका दिया।

जब गांव वालों ने देखा दो लाशें…

स्थानीय लोगों ने जंगल में एक साथ पति-पत्नी की लाशें देखीं, तो सन्न रह गए। पुलिस को तुरंत सूचना दी गई। ASP कालू सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है।

सवाल जो खड़े होते हैं...

  • क्या एक क्षण का गुस्सा इतना बड़ा हो सकता है कि दो जिंदगियां खत्म हो जाएं?

  • क्या हमारे गांव-समाज में रिश्तों में संवाद की कमी अब जानलेवा रूप ले रही है?

Share this story

Tags