ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया सरकार नफरत फैलाने वालों को करेगी 'बेनकाब', सोशल मीडिया पर लापरवाही पड़ेगी भारी
कैनबरा, 19 जुलाई (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का ऐसा पहला देश है जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन लगाया। अब इसी देश का एक राज्य विक्टोरिया, कानून में कुछ ऐसे प्रावधान करने की तैयारी में है जो गुमनाम सोशल मीडिया अकाउंट्स का चेहरा बेनकाब करने में मदद करेगा। राज्य सरकार ने सोशल मीडिया पर बढ़ते ऑनलाइन उत्पीड़न और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए कानून लाने की घोषणा की है।
प्रस्तावित कानूनों के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को उन गुमनाम अकाउंट्स की पहचान उजागर करनी पड़ सकती है, जिन पर ऑनलाइन घृणा फैलाने (विलिफिकेशन) या आपत्तिजनक गतिविधियों के आरोप होंगे। विक्टोरिया की प्रीमियर जैसिंटा एलन ने रविवार को सोशल मीडिया सुधारों के एक व्यापक पैकेज की घोषणा करते हुए कहा कि परिवारों को अपने बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए अधिक प्रभावी कानूनी उपायों की आवश्यकता है।
प्रस्तावित कानूनों के अनुसार, विक्टोरियन सिविल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (वीसीएटी) को विशेष "डीमास्किंग" अधिकार दिए जाएंगे। इन अधिकारों के तहत ट्रिब्यूनल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आदेश दे सकेगा कि वे नफरत फैलाने वाले गुमनाम अकाउंट संचालकों की पहचान उजागर करें। यदि यह कानून लागू होता है, तो यह किसी भी ऑस्ट्रेलियाई राज्य में अपनी तरह का पहला प्रावधान होगा। सरकार सोशल मीडिया और एआई प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ लापरवाही के मामलों में मुकदमा दायर करने के नियम भी आसान बनाना चाहती है।
वर्तमान कानून के तहत किसी बच्चे के परिवार को यह साबित करना पड़ता है कि बच्चे को कम से कम 10 प्रतिशत स्थायी मानसिक या शारीरिक क्षति हुई है, तभी क्षतिपूर्ति या हर्जाने का दावा किया जा सकता है। नए प्रस्ताव में नाबालिगों से जुड़े मामलों के लिए इस शर्त को समाप्त करने की योजना है। वयस्क पीड़ितों के लिए भी भविष्य में ऐसे बदलावों पर विचार किया जाएगा।
विपक्ष के शैडो अटॉर्नी जनरल जेम्स न्यूबरी ने कहा है कि उनकी पार्टी सिद्धांत रूप में इन सुधारों का समर्थन करती है, लेकिन अंतिम समर्थन कानून के विस्तृत प्रावधानों और उनके प्रभाव का अध्ययन करने के बाद ही दिया जाएगा। इस बीच, दुनिया भर में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज होती जा रही है।
वर्ष 2026 की शुरुआत में अमेरिका की एक अदालत ने एक महत्वपूर्ण मामले में गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट और मेटा को सोशल मीडिया की लत से जुड़े नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया था। इस फैसले को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर वैश्विक स्तर पर एक अहम मोड़ माना गया। विक्टोरिया सरकार ने कहा है कि इन प्रस्तावित कानूनों को अंतिम रूप देने से पहले ट्रिब्यूनल, अदालतों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक परामर्श किया जाएगा।
--आईएएनएस
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