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एयूडी में पीएचडी स्कॉलर्स की अनिवार्य उपस्थिति के खिलाफ विरोध, आइसा ने किया समर्थन

एयूडी में पीएचडी स्कॉलर्स की अनिवार्य उपस्थिति के खिलाफ विरोध, आइसा ने किया समर्थन
एयूडी में पीएचडी स्कॉलर्स की अनिवार्य उपस्थिति के खिलाफ विरोध, आइसा ने किया समर्थन

नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। अंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली (एयूडी) में पीएचडी स्कॉलर्स के लिए अनिवार्य उपस्थिति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पीएचडी स्कॉलर्स की 'जॉइंट एक्शन कमेटी' द्वारा अनिवार्य उपस्थिति वाले सर्कुलर को वापस लेने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को बुधवार को आइसा ने भी अपना समर्थन दिया।

आइसा के कार्यकर्ताओं ने पीएचडी स्कॉलर्स के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और सर्कुलर को पूरी तरह वापस लेने की मांग का समर्थन किया। यह मामला 31 जुलाई को एयूडी के डीन (एकेडमिक अफेयर्स) द्वारा जारी किए गए एक सर्कुलर से जुड़ा है, जिसे छात्र समुदाय काफी विवादित बता रहा है।

स्कॉलर्स का कहना है कि विश्वविद्यालय में बुनियादी ढांचे की भारी कमी है, इसके बावजूद प्रशासन जबरन निगरानी थोपने की कोशिश कर रहा है। इस फैसले से पीएचडी स्कॉलर्स में काफी नाराजगी है।

यह चौथी बार था जब बड़ी संख्या में स्कॉलर्स और छात्र प्रतिनिधि एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ जमा हुए। आज छात्रों के काउंसलर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीन (एकडमिक अफेयर्स) डॉ. सत्यकेतु संस्कृत से मुलाकात की। आरोप है कि इस दौरान बातचीत करने आए सेक्शन ऑफिसर ने पीएचडी स्कॉलर्स से उनके पहचान पत्र मांगे, जिसे देने से स्कॉलर्स ने इनकार कर दिया।

बैठक के दौरान डीन ने उसी सर्कुलर पर सवाल उठाए जिस पर उन्होंने खुद हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने बात को टालते हुए कहा कि अनिवार्य उपस्थिति रजिस्टर की मांग खुद स्कूल डीन्स ने की थी। वहीं, पीएचडी स्कॉलर्स का कहना है कि कुछ स्कूल डीन्स ने इस तरह के सर्कुलर जारी करने की जिम्मेदारी केंद्रीय प्रशासन पर डाल दी थी। इससे प्रशासन के भीतर ही तालमेल की कमी उजागर होती है।

स्कॉलर्स ने यह भी आरोप लगाया कि यह सर्कुलर जंतर-मंतर पर हुए उस आंदोलन के जवाब में जारी किया गया है, जो धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था और सफलतापूर्वक समाप्त हुआ था।

आइसा के अनुसार, डीन (एकेडमिक अफेयर्स) के साथ बुधवार की बैठक बेनतीजा रही। डीन ने सर्कुलर वापस लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद स्कॉलर्स और छात्रों ने ऐलान किया है कि जब तक पीएचडी स्कॉलर्स के लिए अनिवार्य उपस्थिति वाला सर्कुलर पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

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