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आतिशी वीडियो विवाद: दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा सचिवालय की ओर से शनिवार को एक अहम नोटिस जारी किया गया है, जिसमें दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष अतिशी से जुड़े एक वीडियो क्लिप के मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज एफआईआर को लेकर गंभीर आपत्ति जताई गई है।
आतिशी वीडियो विवाद: दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा सचिवालय की ओर से शनिवार को एक अहम नोटिस जारी किया गया है, जिसमें दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष अतिशी से जुड़े एक वीडियो क्लिप के मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज एफआईआर को लेकर गंभीर आपत्ति जताई गई है।

यह नोटिस उस प्रेस रिलीज के संदर्भ में जारी किया गया है, जिसमें दावा किया गया था कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही से जुड़ा एक वीडियो क्लिप जानबूझकर छेड़छाड़ कर तैयार किया गया था और इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है।

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि संबंधित प्रेस रिलीज को 9 जनवरी को सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर के संज्ञान में लाया गया था। दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि यह मामला पहले से ही सदन के संज्ञान में है। नेता प्रतिपक्ष अतिशी द्वारा सदन के पटल पर दिए गए बयान से संबंधित यह विषय विशेषाधिकार से जुड़ा हुआ है, जिसमें कथित तौर पर सिख गुरुओं के खिलाफ कुछ टिप्पणियां किए जाने का आरोप है। इस पूरे मामले को दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति (कमेटी ऑफ प्रिविलेजेस) को भेज दिया गया है।

नोटिस में कहा गया कि विपक्षी सदस्यों के अनुरोध पर संबंधित वीडियो क्लिप को पहले ही फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा चुका है। ऐसे में, जबकि यह विषय पूरी तरह से सदन के विशेषाधिकार क्षेत्र में आता है और अध्यक्ष व सदन स्वयं इस पर विचार कर रहे हैं, पंजाब पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर सदन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।

नोटिस के अनुसार, स्पीकर ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया है कि यह स्पष्ट किया जाए कि पंजाब पुलिस ने किस आधार पर इस विषय में हस्तक्षेप किया। नोटिस में यह भी कहा गया है कि विधानसभा की कार्यवाही विशेषाधिकार प्राप्त होती है और यह सदन की संपत्ति मानी जाती है। इससे संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या मुद्दा उठाने से पहले उसे स्पीकर के संज्ञान में लाना अनिवार्य है।

विधानसभा सचिवालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस पूरे मामले पर अपना लिखित स्पष्टीकरण सभी प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत करें। इसमें शिकायत और एफआईआर की प्रति, फॉरेंसिक की रिपोर्ट सहित अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल होंगे। यह स्पष्टीकरण 12 जनवरी तक, अनिवार्य रूप से जमा कराने का निर्देश दिया गया है। यह नोटिस स्पीकर की स्वीकृति से जारी किया गया है।

--आईएएनएस

पीएसके

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