तड़के 3:30 बजे गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा कश्मीर! कुपवाड़ा में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, 2 आतंकी मारे गए
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। अधिकारियों के मुताबिक, केरन सेक्टर के जुमागुंड इलाके में हुई इस मुठभेड़ में अब तक दो आतंकी मारे गए हैं। इलाके में सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान जारी है, ताकि किसी अन्य संदिग्ध की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।शुरुआत में इस घटना को आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि आतंकी नियंत्रण रेखा पार करके भारत में घुसने की कोशिश कर रहे थे या नहीं।
सुबह 3:30 बजे संदिग्ध गतिविधि के बाद शुरू हुई फायरिंग
सेना के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे कुपवाड़ा के केरन सेक्टर स्थित जुमागुंड इलाके में सुरक्षाबलों ने कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं। इसके बाद जवानों ने इलाके में कार्रवाई शुरू की और दोनों तरफ से गोलीबारी होने लगी।मुठभेड़ के दौरान दो आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षाबल आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे हैं। अभियान पूरा होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
अक्टूबर में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़ी दो अन्य घटनाएं
1. पुंछ में धमाका, चार पाकिस्तानी घुसपैठियों के मारे जाने की खबर
12 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास कृष्णा घाटी सेक्टर से जुड़े इलाके में धमाके की घटना सामने आई थी। अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना में चार लोग मारे गए थे। उन्हें भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे लोग बताया गया था।मारे गए लोगों में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक कमांडर भी शामिल बताया गया। यह घटना नियंत्रण रेखा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण मानी गई।
2. मेंढर सेक्टर में मिलीं दो पुरानी बारूदी सुरंगें
12 अक्टूबर को ही पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर के बसोनी इलाके में सीमा पर लगी बाड़ के पास दो जंग लगी बारूदी सुरंगें मिली थीं।अधिकारियों के अनुसार, सेना को ट्रैक बनाने के दौरान सुबह करीब 8:25 बजे और दोपहर 12:10 बजे इन सुरंगों का पता चला। इसके बाद विशेषज्ञों ने नियंत्रित विस्फोट के जरिए दोनों बारूदी सुरंगों को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई का उद्देश्य संभावित खतरे को खत्म करना था।
सितंबर में भी मुठभेड़ों में मारे गए थे आतंकी
1. 17 सितंबर: उधमपुर में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी ढेर
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में 17 सितंबर को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में एक संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर को भी हिरासत में लिया गया था।घटनास्थल से AK राइफल, M4 कार्बाइन, पिस्तौल और गोला-बारूद बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
2. 9 सितंबर: डोडा में मिला पाकिस्तानी आतंकी का शव
डोडा जिले में 9 सितंबर को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकी का सड़ा हुआ शव मिला था। उसके पास से नाइट विजन क्षमता वाली M4 राइफल भी बरामद हुई थी।पुलिस के मुताबिक, यह आतंकी 6 सितंबर को सेओजधार के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। बाद में तलाशी के दौरान उसका शव बरामद हुआ।
3. 5 सितंबर: बडगाम में लश्कर आतंकी यासिर मारा गया
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग-अशदर गली इलाके में 5 सितंबर को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी यासिर को मार गिराया था।रिपोर्ट के मुताबिक, यासिर का नाम 2024 में पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हुए हमले से जुड़ा था। उस हमले में एक जवान शहीद हुआ था।
LoC पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
कुपवाड़ा में ताजा मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबल इलाके में सतर्कता बनाए हुए हैं। नियंत्रण रेखा के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और तलाशी अभियान के जरिए संभावित खतरों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।फिलहाल, कुपवाड़ा मुठभेड़ में दो आतंकियों के मारे जाने की जानकारी है और सर्च ऑपरेशन जारी है। घुसपैठ की कोशिश हुई थी या नहीं, इस बारे में अधिकारियों की पुष्टि का इंतजार है।

