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असम: माजबाट रेलवे स्टेशन का बदला स्वरूप, यात्री बोले- अब एयरपोर्ट जैसा दिखता है स्टेशन

उदलगुरी, 20 मई (आईएएनएस)। असम के उदलगुरी जिले में 'अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना' के तहत माजबाट रेलवे स्टेशन का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर यात्री सुविधाओं, डिजिटल सेवाओं और आकर्षक डिजाइन से सुसज्जित इस स्टेशन का जल्द उद्घाटन करेंगे। फिलहाल, स्टेशन पर यात्रियों को अब पहले की तुलना में बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे लोगों में खुशी का माहौल है।
असम: माजबाट रेलवे स्टेशन का बदला स्वरूप, यात्री बोले- अब एयरपोर्ट जैसा दिखता है स्टेशन

उदलगुरी, 20 मई (आईएएनएस)। असम के उदलगुरी जिले में 'अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना' के तहत माजबाट रेलवे स्टेशन का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर यात्री सुविधाओं, डिजिटल सेवाओं और आकर्षक डिजाइन से सुसज्जित इस स्टेशन का जल्द उद्घाटन करेंगे। फिलहाल, स्टेशन पर यात्रियों को अब पहले की तुलना में बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे लोगों में खुशी का माहौल है।

एक यात्री ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "माजबाट रेलवे स्टेशन पर एक नई इमारत, एक नया प्रवेश द्वार और एक नया प्लेटफॉर्म बनाया गया है। यहां नई ट्रेनें भी रुकेंगी। पहले की तुलना में स्टेशन का काफी विकास हुआ है।

एक अन्य यात्री ने कहा, "अभी स्टेशन का काफी विकास हुआ है। पहले यहां इतनी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन अब बहुत सारी सुविधाएं हैं। यहां पानी का पंप भी है, और बाकी सब कुछ ठीक है। पहले के मुकाबले, अब यह कहीं ज्यादा विकसित हो गया है।"

उन्होंने कहा कि पहले स्टेशन भी ठीक नहीं था और सुविधाएं भी अच्छी नहीं थीं। अभी काफी कुछ बदल चुका है और यहां ट्रेनों की संख्या भी बढ़ी है।

इस दौरान एक छात्रा ने कहा, "स्टेशन के पुनर्विकसित होने पर यहां पहले के मुकाबले बैठने की ज्यादा व्यवस्था की गई है। पीने के साफ पानी के फिल्टर लगाए गए हैं। पंखे और दूसरी सुविधाएं भी पहले से कहीं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई गई हैं। स्टेशन पर सफाई भी पहले के मुकाबले काफी बेहतर हुई है।"

रेलवे स्टेशन पर दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति ने कहा, "एक साप्ताहिक ट्रेन शुरू की गई है, जो डिब्रूगढ़ से देवघर जाती है। लेकिन कामरूप को लेकर हमारी सबसे अहम मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। ज्यादातर ट्रेनें यहां मुश्किल से एक मिनट के लिए रुकती हैं।"

उन्होंने बताया कि हम यहां एक कैंटीन चलाते हैं और किराया देना भी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि यात्रियों को पानी की एक बोतल खरीदने के लिए भी पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। फिर भी, पहले के मुकाबले हालात में काफी सुधार हुआ है।

वहीं एक और व्यक्ति ने कहा, "स्टेशन बहुत सुंदर लग रहा है और काफी आधुनिक हो गया है। हर तरफ से सुविधाओं में सुधार हुआ है। यहां लाइटें, लिफ्ट और हर तरह की सुविधा मौजूद है। यह अब किसी हवाई अड्डे जैसा बन गया है।"

--आईएएनएस

डीसीएच/

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