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एशियाई खेलों में सैन्य खिलाड़ियों का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, राजनाथ सिंह ने की मुलाकात

एशियाई खेलों में सैन्य खिलाड़ियों का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, राजनाथ सिंह ने की मुलाकात
एशियाई खेलों में सैन्य खिलाड़ियों का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, राजनाथ सिंह ने की मुलाकात

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के खिलाड़ियों की सराहना की है। सोमवार को उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के खिलाड़ियों ने सीमित संख्या में भाग लेने के बावजूद अपने अनुशासन, टीम भावना और मेहनत से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इन खिलाड़ियों ने छह स्वर्ण, 11 रजत और 10 कांस्य सहित कुल 27 पदक जीते। एशियाई खेलों में विभिन्न सेनाओं के दल का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

रक्षा मंत्री ने एशियाई खेल 2026 में हिस्सा लेने वाले सैन्य खिलाड़ी दल के साथ बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि भारत ने इन खेलों में कुल 85 पदक जीते हैं। इसमें सैन्य खिलाड़ियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के कुल 92 खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में भाग लिया और 27 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें यह देखकर बहुत गर्व हुआ कि इन खिलाड़ियों ने कम संख्या में प्रतियोगिताओं में उतरने के बावजूद अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर इतना शानदार प्रदर्शन किया।

उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धि को भारतीय सशस्त्र बलों की खेल परंपरा और मजबूत तैयारी का प्रमाण बताया। रक्षा मंत्री ने पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ उन खिलाड़ियों का भी उत्साह बढ़ाया, जो पदक हासिल नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेना, पूरी मेहनत से मुकाबला करना और अनुभव लेकर लौटना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा, ''मेडल हासिल न कर पाना, हार जाने का प्रतीक नहीं होता। हार तो तब होती है, जब हम कोशिश करना छोड़ दें। आपने कोशिश नहीं छोड़ी। आपने भारत का नाम रोशन किया। आपने भारतीय सशस्त्र बलों का मान बढ़ाया।''

राजनाथ सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों को अपनी उपलब्धियों पर गर्व करना चाहिए और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए इसी लगन के साथ तैयारी जारी रखनी चाहिए। उनके अनुसार, खेलों में सफलता के लिए निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों में डटे रहने की क्षमता बेहद जरूरी है। रक्षा मंत्री ने मिशन ओलंपिक विंग के प्रयासों की भी विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने, उन्हें आगे बढ़ाने, वैज्ञानिक प्रशिक्षण देने और उच्च स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने में इस विंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को समय पर सही अवसर, व्यवस्थित प्रशिक्षण और जरूरी सहयोग मिलना चाहिए। मिशन ओलंपिक विंग ने सैन्य सेवाओं के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने हमेशा ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिनमें शारीरिक क्षमता के साथ अनुशासन, धैर्य और नेतृत्व जैसे गुण भी होते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर टिके रहना इन खिलाड़ियों की विशेषता है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में विकसित होने वाली यही खूबियां खेल के मैदान में भी खिलाड़ियों की मदद करती हैं। अनुशासन, सामूहिक प्रयास और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि अब खिलाड़ियों और खेल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों का ध्यान आने वाली चुनौतियों पर होना चाहिए। विशेष रूप से लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 और उसके बाद के ओलंपिक चक्र के लिए अभी से तैयारी मजबूत करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की समय पर पहचान करना, उनकी तैयारी को बेहतर बनाना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए जरूरी सहयोग देना महत्वपूर्ण है।

राजनाथ सिंह के अनुसार, एशियाई खेलों में सैन्य सेवाओं के खिलाड़ियों का प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला है। अब इस उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए खिलाड़ियों को आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना होगा, ताकि वे देश के लिए और बड़ी सफलताएं हासिल कर सकें।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसके

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