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एशियन गेम्स में 44 साल बाद देश को पदक दिलाने वाले धावक सावन बरवाल की नजर ओलंपिक पर

एशियन गेम्स में 44 साल बाद देश को पदक दिलाने वाले धावक सावन बरवाल की नजर ओलंपिक पर
एशियन गेम्स में 44 साल बाद देश को पदक दिलाने वाले धावक सावन बरवाल की नजर ओलंपिक पर

जोगिंदरनगर, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में सावन बरवाल पुरुष मैराथन स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीत देश का नाम रोशन किया। सावन ने 44 साल बाद इस स्पर्धा में देश को पदक दिलाया। हिमाचल प्रदेश मंडी जिले के जोगिंदरनगर के रहने वाले सावन का घर पहुंचने पर जोरदार स्वागत हुआ। अपने स्वागत से सावन बेहद प्रसन्न नजर आए।

सावन बरवाल ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, "लंबे समय बाद घर वापस लौटा हूं। घर पर स्वागत के लिए बड़ी संख्या में आए लोगों को देखकर काफी खुशी हुई। हर जगह खुशी का माहौल है।"

उन्होंने कहा, "एशियन गेम्स की बात करें तो काफी अच्छी तैयारी चल रही थी। उस समय फिटनेस का स्तर भी काफी अच्छा था। हम एक रणनीति लेकर एशियन गेम्स में पहुंचे थे और उसी पर आखिर तक डटे रहे। आखिरी के 5-6 किलोमीटर बचे थे तो हमने जोर लगाया और पदक हासिल किया।"

बरवाल ने भविष्य की चर्चा करते हुए कहा, "अगला लक्ष्य वर्ल्ड चैंपियनशिप है, जो अगले साल होनी है। इसके बाद मुख्य लक्ष्य 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक में पदक जीतना है। अभी वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी चल रही है। इसके बाद ओलंपिक की तैयारी होगी। मेरे कोच मुझे ओलंपिक में देखना चाहते हैं और इसके लिए मैं कड़ी मेहनत करूंगा।"

सावन बरवाल ने आइची-नागोया, जापान में आयोजित पुरुष मैराथन स्पर्धा में 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीता। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत का एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में 44 साल (वर्ष 1982 के बाद) का इंतजार खत्म हुआ।

इस इवेंट में जापान के इचिटाका यामाशिता ने स्वर्ण पदक और चीन के पेइयू फेंग ने कांस्य पदक जीता।

सावन बरवाल ने इस मैराथन में अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड सुधारा और पर्सनल बेस्ट टाइम बनाया। बरवाल भारतीय सेना में कार्यरत हैं।

--आईएएनएस

पीएके

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