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आषाढी वारी के साथ शुरू हुआ 'महिला उन्नति वारी 2026' अभियान, महिलाओं को योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर

आषाढी वारी के साथ शुरू हुआ 'महिला उन्नति वारी 2026' अभियान, महिलाओं को योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर
आषाढी वारी के साथ शुरू हुआ 'महिला उन्नति वारी 2026' अभियान, महिलाओं को योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर

पुणे, 12 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उरुली कंचन से आषाढी वारी के अवसर पर महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर पहुंचाने के उद्देश्य से 'महिला उन्नति वारी 2026' विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग और महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान का उद्घाटन राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने किया।

आदिती तटकरे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आषाढी वारी केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि समाज जागरूकता का भी प्रभावी माध्यम है। उन्होंने महिलाओं से इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाने और वारी के दौरान आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में अपनी स्वास्थ्य जांच अवश्य कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में लगभग 800 वर्षों से चली आ रही आषाढी वारी की परंपरा संतों की शिक्षाओं और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। वारकरी समाज संतों के विचारों और संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि लाखों महिलाओं की भागीदारी को देखते हुए इस वर्ष वारी मार्ग पर हिरकणी कक्ष, महिला सशक्तिकरण केंद्र, स्वास्थ्य कक्ष, शौचालय, सैनिटरी पैड वितरण और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सुविधाओं की जानकारी डिजिटल चित्ररथों के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाई जाए। साथ ही महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी संरक्षण और उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाए।

आदिती तटकरे ने बताया कि राज्य सरकार 'महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक-2026' के माध्यम से महिला किसानों के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत भूमिहीन महिला किसानों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे कृषि संबंधी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगी। उन्होंने इसे देश में अपनी तरह की पहली व्यापक पहल बताया।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवडे ने कहा कि अभियान के तहत संत तुकाराम महाराज और संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी मार्ग पर डिजिटल चित्ररथों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा, बच्चों के अधिकार और विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा, पालखी के प्रमुख पड़ावों पर लोककला प्रस्तुतियों के जरिए सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

इस अवसर पर मंत्री आदिती तटकरे ने दोनों पालखी मार्गों पर जनजागरण के लिए तैयार डिजिटल चित्ररथों का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य दूतों और बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

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