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अरविंद केजरीवाल का आरोप: कार्यकर्ताओं को आईबी की कॉल, वैधता पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की ओर से फोन कॉल करके वेरिफिकेशन किया जा रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके पीछे कौन सा कानून है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल का आरोप: कार्यकर्ताओं को आईबी की कॉल, वैधता पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की ओर से फोन कॉल करके वेरिफिकेशन किया जा रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके पीछे कौन सा कानून है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने खुद भी उस नंबर पर कॉल किया और पूछा कि क्या कॉल करने वाला व्यक्ति आईबी से है, जिस पर उन्हें सकारात्मक जवाब मिला। इसके बाद उन्होंने पूछा कि किस कानून के तहत यह वेरिफिकेशन किया जा रहा है, लेकिन कथित तौर पर कॉल काट दी गई और उसके बाद से उस नंबर पर कोई जवाब नहीं मिल रहा है।

उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस तरह की कॉल्स उनके कार्यकर्ताओं को लगातार आ रही हैं, जिससे संदेह और चिंता बढ़ रही है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति एक राज्य से दूसरे राज्य में काम के लिए जाता है तो उसे इस तरह की वेरिफिकेशन प्रक्रिया से क्यों गुजरना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या यह वास्तव में उनका नंबर है और किस अधिकार के तहत यह कॉल्स की जा रही हैं। केजरीवाल ने यह भी अपील की कि सभी लोग उस नंबर पर कॉल करके यह सवाल पूछें कि इस प्रक्रिया का कानूनी आधार क्या है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि अगली बार वह गुजरात जाएंगे तो स्वयं आईबी कार्यालय जाकर इस मामले पर जवाब मांगेंगे। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से भी कहा कि यदि भविष्य में उन्हें इस तरह की कॉल्स आती हैं वे उसे सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि जनता के सामने पूरी स्थिति आ सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियां पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर सवाल खड़ा करती हैं।

मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

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