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अरविंद केजरीवाल बाहर रहें या न रहें, फर्क नहीं पड़ेगा: संदीप दीक्षित

नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने शराब नीति केस में दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के बरी होने पर प्रतिक्रिया दी है।
अरविंद केजरीवाल बाहर रहें या न रहें, फर्क नहीं पड़ेगा: संदीप दीक्षित

नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने शराब नीति केस में दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के बरी होने पर प्रतिक्रिया दी है।

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "कल जब अरविंद केजरीवाल को छोड़ा गया, तो यह बात साफ हो गई कि भाजपा और 'आप' के बीच साठगांठ हो गई थी। हम लोग भी यही कह रहे थे कि यही नतीजा आएगा। मैंने सुबह भी यही बयान दिया था। अरविंद केजरीवाल अब बाहर रहें या न रहें, इससे दिल्ली में फर्क नहीं पड़ने वाला है। पंजाब, उत्तराखंड और अन्य प्रदेशों में होने वाले चुनाव में केजरीवाल को कांग्रेस के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए फिलहाल भाजपा को उनकी जरूरत है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं इनमें से किसी को निर्दोष नहीं मानता हूं। मैं यह भी नहीं कर रहा हूं कि न्यायपालिका पर सरकार का प्रभाव है। अगर कल सीबीआई ने केस ही तैयार नहीं किया तो दो साल से क्या कर रहे थे? मुझे लगता है कि ऐसा करने के लिए कहा गया होगा, क्योंकि दूसरे केसों में हमें ऐसा देखने को नहीं मिलता है।

वहीं, यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को जमानत मिलने पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि इसमें आश्चर्य की बात नहीं। आश्चर्य की बात तो यह है कि वह गिरफ्तार हुए। एआई समिट में विरोध हुआ, सरकार को अगर विरोध पसंद नहीं तो उनकी मर्जी है, लेकिन भारतीय लोकतंत्र में पिछले 60-70 साल से कांग्रेस ही नहीं, हर दल द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है। कुछ लोगों ने मनमोहन सिंह के सामने प्रदर्शन किया था। सत्तापक्ष तय नहीं करता कि विपक्ष को किस बात के लिए प्रदर्शन करना चाहिए। आपने वीडियो देखे होंगे, मनमोहन सिंह के सामने भाजपा के लोगों ने पर्चे फाड़े थे। यह विरोध होता रहता है किसी को अच्छा लगे न लगे।

उन्होंने आगे कहा, "हमारे जाने मानी प्रथा है कि कोई विरोध अन्यथा किया जा रहा है तो डिटेन किया जाता है, थाने लेकर जाकर बंद कर देते है, शाम को छोड़ देते हैं। एआई समिट में कुछ नहीं निकला। यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। सरकार अपने हिसाब से सजा देने लगी। जो आरोप लगाने की कोशिश हुई है, वह लगाने का कोई मतलब नहीं बनता है। मुझे उम्मीद है कि जब मामला कोर्ट में जाएगा तो यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को राहत मिलेगी।

--आईएएनएस

डीकेएम/एएस

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