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बिहार : अरुण भारती ने की सीएम सम्राट से मुलाकात, मरीन ड्राइव के गोलंबर का नाम रामविलास के नाम पर रखने की मांग ‎

बिहार : अरुण भारती ने की सीएम सम्राट से मुलाकात, मरीन ड्राइव के गोलंबर का नाम रामविलास के नाम पर रखने की मांग ‎
बिहार : अरुण भारती ने की सीएम सम्राट से मुलाकात, मरीन ड्राइव के गोलंबर का नाम रामविलास के नाम पर रखने की मांग ‎

‎पटना, 10 सितंबर (आईएएनएस)। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जमुई सांसद अरुण भारती ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर पटना स्थित मरीन ड्राइव (जेपी गंगा पथ) के एक गोलंबर का नामकरण पद्म भूषण रामविलास पासवान के नाम पर करने और वहां उनकी भव्य आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। ‎

‎बुधवार को हुई इस मुलाकात के दौरान बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक तथा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना भी मौजूद रहे। अरुण भारती ने मुख्यमंत्री के समक्ष इस मांग को भावनात्मक आग्रह के तौर पर रखा। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन गरीबों, दलितों, पिछड़ों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकार एवं सम्मान की लड़ाई में समर्पित किया। ‎ ‎

उन्होंने कहा कि पटना का मरीन ड्राइव बिहार की बदलती तस्वीर, आधुनिक विकास और नई पीढ़ी की आकांक्षाओं का प्रतीक बन चुका है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थल पर राम विलास पासवान की स्मृति को स्थायी रूप देना उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। ‎बताया गया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को गंभीरता से सुना। पार्टी नेताओं ने उम्मीद जताई कि बिहार सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

इससे पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी 31 अगस्त को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मरीन ड्राइव स्थित गोलंबर का नामकरण 'पद्म भूषण श्रद्धेय रामविलास पासवान गोलंबर' करने और वहां उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी।

‎चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि रामविलास पासवान सामाजिक न्याय के पुरोधा और वंचितों एवं शोषितों की आवाज थे। उन्होंने करीब पांच दशकों तक सार्वजनिक जीवन में रहते हुए गरीबों, दलितों और पिछड़ों के अधिकार तथा सम्मान के लिए काम किया। वह 9 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा के सदस्य रहे तथा 6 प्रधानमंत्रियों के मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। ‎ ‎

पत्र में चिराग पासवान ने कहा था कि राष्ट्र के प्रति रामविलास पासवान की सेवाओं को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने प्रस्ताव पर कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को निर्देश देने, नोडल विभाग और पदाधिकारी नामित करने तथा प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने का भी अनुरोध किया था। ‎ ‎

पार्टी नेताओं का कहना है कि मरीन ड्राइव जैसे प्रमुख स्थल पर राम विलास पासवान की प्रतिमा और उनके नाम पर गोलंबर का नामकरण आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष और सामाजिक सरोकारों से परिचित कराने का माध्यम बनेगा। ‎ ‎

--आईएएनएस ‎

‎एमएनपी/एसके

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