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आर्टिकल 370 हटने की वर्षगांठ पर पाकिस्तानी शरणार्थियों में उत्साह, 5 अगस्त को उत्सव मनाने की तैयारी

आर्टिकल 370 हटने की वर्षगांठ पर पाकिस्तानी शरणार्थियों में उत्साह, 5 अगस्त को उत्सव मनाने की तैयारी
आर्टिकल 370 हटने की वर्षगांठ पर पाकिस्तानी शरणार्थियों में उत्साह, 5 अगस्त को उत्सव मनाने की तैयारी

सांबा, 4 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए को हटाए जाने की वर्षगांठ से पहले सांबा जिले में पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी समुदाय के लोगों ने 5 अगस्त को अपने लिए ऐतिहासिक और अधिकारों की बहाली का दिन बताते हुए इसे पूरे उत्साह के साथ मनाने की बात कही। वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष लांबा राम गांधी और समुदाय के अन्य सदस्यों ने कहा कि 5 अगस्त 2019 उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, क्योंकि इसी दिन उन्हें वर्षों से लंबित अधिकार मिलने का रास्ता खुला।

वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष लांबा राम गांधी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि 5 अगस्त 2019 का दिन पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी परिवारों के लिए 'सोने पर सुहागा' साबित हुआ। पिछले 75 वर्षों से यह समुदाय जम्मू-कश्मीर की नागरिकता और समान अधिकारों का इंतजार कर रहा था, जो आर्टिकल 370 और 35ए हटने के बाद संभव हो पाया। उनके लिए 5 अगस्त का महत्व उतना ही है, जितना पूरे देश के लिए 15 अगस्त का है। इसी कारण उनका समुदाय हर वर्ष इस दिन को उत्सव के रूप में मनाता है और भविष्य में भी इसी परंपरा को जारी रखेगा।

उन्होंने यहां तक कहा कि जब तक हम जीवित रहेंगे, 5 अगस्त को उसी तरह मनाएंगे, जैसे पूरा देश 15 अगस्त मनाता है।

लांबा राम गांधी ने उन राजनीतिक दलों और नेताओं पर भी टिप्पणी की जो 5 अगस्त को 'काला दिवस' के रूप में मनाने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत सोच हो सकती है, लेकिन उनका समुदाय इससे सहमत नहीं है। कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के तहत लोगों को यह कहकर गुमराह कर रहे हैं कि आर्टिकल 370 और 35ए को दोबारा लागू कराया जाएगा, जबकि उन्हें भी पता है कि ऐसा संभव नहीं है। इन दलों के पास कोई दूसरा मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे इसी विषय को उठाकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी 5 अगस्त के आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और कार्यक्रम को पहले की तरह पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।

वहीं, पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी रोमेश सिंह ने कहा कि 5 अगस्त 2019 से पहले उनके समुदाय को कई अधिकारों से वंचित रहना पड़ता था। 370 हटने के बाद समुदाय में नया उत्साह आया और लोगों को रोजगार के अवसर मिलने शुरू हुए। उनके लिए 5 अगस्त किसी राष्ट्रीय पर्व से कम नहीं है और वे इसे हर साल बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए रोमेश सिंह ने कहा कि उनके समुदाय को जो अधिकार मिले हैं, उसके लिए वे दोनों नेताओं के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हैं।

राजनीतिक दलों द्वारा 5 अगस्त को 'काला दिवस' बताए जाने के सवाल पर पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी रोमेश कुमार ने कहा कि ऐसे बयानों से उनके समुदाय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। कोई इसे काला दिवस कहे या किसी अन्य नाम से पुकारे, उनके लिए 5 अगस्त सम्मान और खुशी का दिन है। उनके समुदाय के लोग इस अवसर को ढोल-नगाड़ों और उत्सव के माहौल में मनाएंगे तथा इसे अपनी खुशियों के पर्व के रूप में मनाते रहेंगे।

--आईएएनएस

पीएसके/एबीएम

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