आर्थिक सर्वे 2025-26: सीएम रेखा गुप्ता ने पेश किया दिल्ली का आर्थिक लेखा-जोखा
नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे सदन के पटल पर रखते हुए कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण राजधानी की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, मजबूत बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी नीतियों का स्पष्ट प्रमाण है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी को एक विश्वस्तरीय, समावेशी, न्यायसंगत और रहने योग्य शहर बनाना है ताकि हर नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके।
अग्रिम अनुमान के मुताबिक, साल 2025-26 में दिल्ली की अर्थव्यवस्था (जीएसडीपी) मौजूदा कीमतों पर करीब 13,27,055 करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है, जो पिछले साल के मुकाबले 9.42 प्रतिशत ज्यादा है। प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर लगभग 5,31,610 रुपए रहने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत से करीब ढाई गुना अधिक है। हालांकि सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत की तुलना में धीमी रही है।
दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान 86.32 प्रतिशत है, जबकि उद्योग का हिस्सा 12.88 प्रतिशत और कृषि का 0.80 प्रतिशत है। राज्य का राजस्व अधिशेष भी बरकरार (रेवेन्यू सरप्लस) है, जो करीब 9661.31 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 0.73 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, एक लाख करोड़ रुपए के कुल बजट में से 59,300 करोड़ रुपए योजनाओं और कार्यक्रमों पर आवंटित किए गए हैं।
दिल्ली सरकार की ओर से वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों से हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप ‘अच्छे दिनों’ (अच्छे, संतोषजनक और मध्यम श्रेणी) की संख्या वर्ष 2018 के 159 से बढ़कर 2025 में 200 हो गई है। कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में, शहर में 46 सरकारी पशु चिकित्सालय, 25 औषधालय, एक प्रयोगशाला, एक किसान सूचना केंद्र और तीन मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों का एक मजबूत नेटवर्क मौजूद है। इन केंद्रों पर उपचार सेवाएं लेने वाले पशुओं की संख्या में भी काफी वृद्धि देखी गई है, जो वर्ष 2011-12 के 4,15,986 से बढ़कर मार्च 2026 तक 5,45,754 हो गई है।
--आईएएनएस
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