लद्दाख में LAC तक सेना की सप्लाई होगी और मजबूत, वीडियो में जाने सड़क-पुल बंद होने पर भी जारी रहेगी हथियार-राशन की सप्लाई, वैकल्पिक रूट तैयार
लद्दाख में चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) तक सेना अपनी लॉजिस्टिक्स और सप्लाई व्यवस्था को और मजबूत कर रही है। इसका मकसद ऐसी स्थिति के लिए तैयारी रखना है, जब किसी सड़क, पुल या प्रमुख सप्लाई रूट के बंद होने से सैन्य सामग्री की आवाजाही प्रभावित हो। इसके लिए लद्दाख को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों के अलावा क्षेत्र के अंदर भी वैकल्पिक रास्ते विकसित किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत हथियार, गोला-बारूद, ईंन और राशन की आपूर्ति के लिए एक ही रूट पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे आपात स्थिति में वैकल्पिक मार्गों के जरिए सप्लाई जारी रखने में मदद मिलेगी।
अभी लद्दाख पहुंचने के दो प्रमुख रास्ते
फिलहाल लद्दाख तक पहुंचने के दो प्रमुख सड़क मार्ग हैं। इनमें श्रीनगर-करगिल-लेह और मनाली-लेह मार्ग शामिल हैं। दोनों ही रास्ते रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और सेना की आवाजाही तथा रसद आपूर्ति में बड़ी भूमिका निभाते हैं।इसके अलावा करीब 298 किलोमीटर लंबा निमू-पदम-दरचा (NPD) मार्ग लद्दाख के लिए तीसरे प्रमुख संपर्क मार्ग के तौर पर विकसित हो रहा है। इसके पूरी तरह तैयार होने से लद्दाख तक पहुंच के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा।
शिंकुन ला सुरंग से सालभर कनेक्टिविटी
निमू-पदम-दरचा मार्ग को हर मौसम में चालू रखने के लिए शिंकुन ला में करीब 4.1 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण प्रस्तावित है। सुरंग तैयार होने के बाद भारी बर्फबारी के दौरान भी इस मार्ग के इस्तेमाल की संभावना बढ़ जाएगी।वहीं, जोजिला सुरंग श्रीनगर-करगिल-लेह मार्ग की ऑल-वेदर कनेक्टिविटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे सर्दियों में भी इस रणनीतिक मार्ग पर आवाजाही सुचारु रखने में मदद मिलेगी।
लद्दाख के अंदर भी बन रहे वैकल्पिक लिंक
सेना की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सिर्फ बाहरी संपर्क मार्गों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। लद्दाख के अंदर भी कई वैकल्पिक लिंक तैयार किए जा रहे हैं।इनमें हनुथांग-तुरतुक, खाल्त्से-बटालिक और करगिल-दुमगिल जैसे मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा खारदुंग ला और बटालिक में सुरंग परियोजनाओं पर भी काम आगे बढ़ रहा है।इन वैकल्पिक संपर्क मार्गों का उद्देश्य यह है कि किसी एक सड़क या रूट पर आवाजाही बाधित होने की स्थिति में दूसरे रास्ते से जरूरी सामग्री और संसाधनों को आगे भेजा जा सके।
ड्रोन हमलों से सप्लाई सिस्टम की सुरक्षा पर जोर
बदलते सुरक्षा माहौल को देखते हुए सेना की लॉजिस्टिक्स योजना में अब ड्रोन हमलों से सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सप्लाई और स्टोरेज से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाओं को ड्रोन से होने वाले संभावित खतरों से सुरक्षित रखने के लिए काउंटर-ड्रोन सिस्टम और निगरानी क्षमता बढ़ाई जा रही है।इसके साथ ही सुरक्षित संचार व्यवस्था और फॉरवर्ड स्टोरेज सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अग्रिम क्षेत्रों में तैनात जवानों तक जरूरी सामान की उपलब्धता बनाए रखना है।कुल मिलाकर, लद्दाख में सेना की रणनीति एक ऐसे बहु-स्तरीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को विकसित करने की है, जिसमें सड़क या सप्लाई रूट बाधित होने की स्थिति में भी वैकल्पिक रास्तों के जरिए सैन्य आपूर्ति जारी रखी जा सके

