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आर्मी कमांडर्स के बीच पहुंचे कैबिनेट सचिव, कहा- स्वयं के एआई सिस्टम विकसित करने होंगे

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। आर्मी कमांडर्स सम्मेलन में मंगलवार को देश के कैबिनेट सचिव डॉ टीवी सोमनाथन ने शिरकत की। यहां टॉप आर्मी कमांडर्स के बीच पहुंचकर कैबिनेट सचिव ने कहा कि भारत को अपने स्वयं के एआई सिस्टम विकसित करने होंगे।
आर्मी कमांडर्स के बीच पहुंचे कैबिनेट सचिव, कहा- स्वयं के एआई सिस्टम विकसित करने होंगे

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। आर्मी कमांडर्स सम्मेलन में मंगलवार को देश के कैबिनेट सचिव डॉ टीवी सोमनाथन ने शिरकत की। यहां टॉप आर्मी कमांडर्स के बीच पहुंचकर कैबिनेट सचिव ने कहा कि भारत को अपने स्वयं के एआई सिस्टम विकसित करने होंगे।

उन्होंने बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। कैबिनेट सचिव का कहना था कि चुनौती के समय पूरे देश को एकजुट होकर काम करना होगा। गौरतलब है कि नई दिल्ली में भारतीय सेना की कमांडर्स कांफ्रेंस चल रही है। कैबिनेट सचिव ने सेना के कमांडर्स सम्मेलन में ये अहम विचार रखे। सैन्य कमांडर्स की इस कांफ्रेंस में कैबिनेट सचिव डॉ टीवी सोमनाथन ने वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व को संबोधित किया।

उन्होंने यहां मार्ग दर्शन देते हुए बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय हालात के बीच भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने सैन्य कमांडर्स से हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने पर जोर दिया। कैबिनेट सचिव ने यहां देश की समग्र सुरक्षा और तैयारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

दरअसल, आज के समय में तकनीक खासकर एआई, राष्ट्रीय सुरक्षा और निर्णय लेने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि भारत को अपने स्वयं के एआई सिस्टम विकसित करने होंगे, ताकि किसी भी बाहरी निर्भरता से बचा जा सके और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने मजबूत और लचीली आपूर्ति शृंखलाओं की अहमियत पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर लगातार बदलते हालात, संघर्षों और आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच यह जरूरी है कि भारत की सप्लाई चेन इतनी मजबूत हो कि किसी भी संकट की स्थिति में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बनी रहे। गौरतलब है कि इससे देश की रक्षा तैयारियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। डॉ. सोमनाथन ने नागरिक और सैन्य संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि केवल सेना या सरकार अकेले किसी चुनौती का सामना नहीं कर सकती, बल्कि इसके लिए पूरे देश को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने ‘संपूर्ण राष्ट्र के दृष्टिकोण’ को अपनाने की बात कही, जिसमें सरकार, उद्योग, शैक्षणिक संस्थान और आम नागरिक सभी अपनी भूमिका निभाएं। अपने संवाद के दौरान उन्होंने आत्मनिर्भरता को केवल एक सरकारी नीति नहीं, बल्कि एक सोच बताया।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत तभी संभव है जब देश का हर क्षेत्र, हर संस्था और हर नागरिक इसमें योगदान दे। यह सोच न केवल रक्षा क्षेत्र में, बल्कि आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक क्षेत्रों में भी मजबूती लाएगी। यहां यह भी स्पष्ट किया कि शांति काल हो या संघर्ष की स्थिति, दोनों में ही समन्वित प्रयास और दीर्घकालिक योजना बेहद जरूरी है। कैबिनेट सचिव विचारों ने यह संदेश दिया कि आने वाले समय में भारत को न केवल सैन्य रूप से, बल्कि तकनीकी और आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाना होगा।

इस अवसर पर उनके संबोधन ने सैन्य नेतृत्व को नई दिशा और सोच प्रदान की, जिससे देश की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीएससी

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