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आर नल्लकन्नू के निधन पर पीएम मोदी ने जताया दुख, बोले- हर वर्ग के लोग करते थे सम्मान

नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु के वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता और जीवनभर सीपीआई से जुड़े रहे आर नल्लकन्नू का बुधवार को 101 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख जताया है।
आर नल्लकन्नू के निधन पर पीएम मोदी ने जताया दुख, बोले- हर वर्ग के लोग करते थे सम्मान

नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु के वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता और जीवनभर सीपीआई से जुड़े रहे आर नल्लकन्नू का बुधवार को 101 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख जताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आर नल्लकन्नू के निधन पर लिखा कि थिरु आर. नल्लकन्नू को जमीनी स्तर से जुड़ाव और वंचितों, श्रमिकों और किसानों की आवाज उठाने के उनके प्रयासों के लिए याद किया जाएगा।

पीएम मोदी ने आगे लिखा कि समाज के हर वर्ग के लोग उनका बहुत सम्मान करते थे। उनकी सादगी भी उतनी ही सराहनीय थी। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।

आर नल्लकन्नू का निधन राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल में दोपहर 1:55 बजे हुआ, जहां उनका इलाज चल रहा था।

नल्लकन्नू को 1 फरवरी को गंभीर सांस संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले 24 दिनों से वे आईसीयू में भर्ती थे।

अस्पताल के बयान के अनुसार, हाल के दिनों में उनकी सेहत में उतार-चढ़ाव था, और सुबह उनकी दवा के प्रति प्रतिक्रिया कमजोर हो गई। लगातार चिकित्सा के बावजूद, कई अंगों की विफलता के कारण उनका निधन हो गया।

राजनीति के सभी वर्गों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें ईमानदारी, विचारधारा और सादगी का प्रतीक बताया।

नल्लकन्नू का जन्म 1925 में तिरुवैकुण्डम (तिरुनेल्वेली) जिले में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। कॉलेज के दिनों में वे सक्रिय राजनीति की ओर आकर्षित हुए और ब्रिटिश शासन के खिलाफ युवा आंदोलन में भाग लिया, जिसके कारण उन्हें कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया।

उन्होंने 1943 में 18 साल की उम्र में सीपीआई जॉइन की और राजनीति की यात्रा शुरू की। उन्होंने जीवनभर किसानों, कृषि मजदूरों और वंचितों के लिए संघर्ष किया। नंगुनेरी क्षेत्र में किसानों के अधिकारों के लिए उन्होंने कई संघर्षों का नेतृत्व किया और अस्पृश्यता और सामाजिक अन्याय के खिलाफ हमेशा अडिग रहे।

उन्होंने तमिलनाडु में सीपीआई के सचिव के रूप में 13 साल तक सेवा की और पार्टी को महत्वपूर्ण राजनीतिक दौर से मार्गदर्शन दिया।

--आईएएनएस

एएमटी/एमएस

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