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अनुशासन में छिपी है सेहत की 'आजादी', अपनाएं हेल्दी आदतें

नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने स्वास्थ्य और आत्म-अनुशासन को 'आजादी' से जोड़ते हुए एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया है। मंत्रालय के अनुसार, सेहत के लिए 'आजादी' का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति स्वच्छंद हो, बल्कि यह अनुशासन है कि वह अपने शरीर के लिए जो सही है, वही चुने।
अनुशासन में छिपी है सेहत की 'आजादी', अपनाएं हेल्दी आदतें

नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने स्वास्थ्य और आत्म-अनुशासन को 'आजादी' से जोड़ते हुए एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया है। मंत्रालय के अनुसार, सेहत के लिए 'आजादी' का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति स्वच्छंद हो, बल्कि यह अनुशासन है कि वह अपने शरीर के लिए जो सही है, वही चुने।

इसके लिए समय पर सोना, मौसमी और ताजा भोजन करना, नियमित व्यायाम और ध्यान जैसी आदतें अपनाकर ही व्यक्ति खुद को बीमारियों, सुस्ती और कमजोरी से मुक्त कर सकता है।

आयुष मंत्रालय ने बताया, आत्म-अनुशासन कोई बंधन नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान का सबसे ऊंचा रूप है। यह शॉर्ट-टर्म खुशी के बजाय लॉन्ग-टर्म स्वास्थ्य और ताकत को प्राथमिकता देने की बात करता है। लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे प्रोसेस्ड फूड के बजाय मौसमी सब्जियां-फल चुनें, आराम करने के बजाय सक्रिय रहें, बिना सोचे-समझे खाने के बजाय सोच-समझकर भोजन करें और देर रात जागने के बजाय जल्दी सोने की आदत डालें।

इस संदेश के साथ पूछा, "इस साल आप कौन सी एक हेल्दी आदत को अपनाने के लिए खुद को अनुशासित कर रहे हैं?" मंत्रालय का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं। ऐसे में लोगों को प्रेरित करते हुए बताया कि छोटे-छोटे अनुशासित कदम से स्वस्थ, ऊर्जावान और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो सकता है। यह संदेश विशेष रूप से युवाओं और आम जनता के लिए है, जो रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे बदलाव लाकर बड़े और बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

एक्सपर्ट के अनुसार, अच्छी सेहत की नींव सही पोषण और छोटी-छोटी दैनिक आदतों पर टिकी होती है। मौसमी और स्थानीय खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें, नियमित समय पर भोजन करें और गुनगुना पानी पीने की आदत डालें। इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में बड़ा सुधार आता है।

संतुलित भोजन स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। पारंपरिक खानपान अपनाएं और भोजन में मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां तथा साबुत अनाज जैसे गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी और मक्का जरूर शामिल करें। ये स्थानीय स्तर पर आसानी से मिलते हैं और प्राकृतिक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।

मंत्रालय की सलाह है कि फल-सब्जियां अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें। खाना उबालकर, भाप में पकाकर या ग्रिल करके बनाएं। ताजा भोजन चुनें और तले-भुने, ज्यादा चीनी-नमक वाले तथा जंक फूड से दूर रहें।

नियमित समय पर खाना सबसे जरूरी है। ज्यादा न खाएं, खाते समय मोबाइल या टीवी से दूर रहें। पर्याप्त गुनगुना पानी पिएं और भोजन के बाद थोड़ा आराम करें। ये आसान बदलाव लंबे समय तक टिकाऊ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद करते हैं। इन्हें दिनचर्या में शामिल कर सेहत को मजबूत बनाया जा सकता है।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

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