Samachar Nama
×

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने से सुरक्षा में सुधार पर हालात पूरी तरह सामान्य नहीं : मोहम्मद हनीफा जान

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने से सुरक्षा में सुधार पर हालात पूरी तरह सामान्य नहीं : मोहम्मद हनीफा जान
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने से सुरक्षा में सुधार पर हालात पूरी तरह सामान्य नहीं : मोहम्मद हनीफा जान

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। लद्दाख से सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने के मौके पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था, लोकतांत्रिक अधिकारों तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने के साथ जम्मू-कश्मीर जैसे पूर्ण राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया, जिससे लोगों में लोकतांत्रिक अधिकार कमजोर होने की भावना पैदा हुई।

आईएएनएस से बातचीत में सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने कहा कि जब अनुच्छेद 370 हटाया गया, तब इसे देश की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम बताकर पेश किया गया। उन्होंने माना कि पहले की तुलना में विरोध-प्रदर्शनों और कुछ सुरक्षा संबंधी घटनाओं पर नियंत्रण हुआ है, लेकिन जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि लद्दाख में भी बड़ी संख्या में लोग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा नहीं चाहते थे और लोकतांत्रिक भागीदारी कम होने की शिकायत आज भी बनी हुई है। अनुच्छेद 35ए समाप्त होने का असर लद्दाख पर भी पड़ा है। हालांकि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख का बजट बढ़ा है लेकिन नौकरशाही का दखल बढ़ने से स्थानीय लोगों की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी कम हुई है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को पहले जो विशेष अधिकार प्राप्त थे, वे अब समाप्त हो चुके हैं।

विकास कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लद्दाख में विकास के कार्यों में तेजी आई है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर हनीफा जान ने कहा कि वर्ष 1990 के दौर की तुलना में हालात बेहतर हुए हैं और आतंकी घटनाओं में कमी आई है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि आतंकवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है।

उन्होंने कहा कि जम्मू, पुंछ, राजौरी और अन्य इलाकों में अब भी समय-समय पर घटनाएं सामने आती हैं। हालांकि, सुरक्षा की स्थिति में सुधार जरूर हुआ है लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति का दावा नहीं किया जा सकता।

सांसद ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी उम्मीदों को तोड़ देती हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख में करीब पांच वर्षों तक भर्तियां रुकी रहीं, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ी।

जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले में सोनम वांगचुग का सीजेपी को समर्थन दिए जाने पर हनीफा जान ने कहा कि वांगचुक किसी राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं बल्कि देशभर के युवाओं और विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं से प्रभावित छात्रों के समर्थन में आंदोलन किया। उन्होंने कहा कि लद्दाख को गर्व है कि वहां की एक शख्सियत युवाओं के अधिकारों के लिए अपनी जान को भी जोखिम में डालने से गुरेज नहीं करते हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम

Share this story