अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की मांग कर रहे माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, फुटेज में देंखे राहुल-प्रियंका भी पहुंचे थे धरने पर
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता को पुलिस ने गुरुवार सुबह हिरासत में ले लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई सुबह करीब 3:45 बजे की। हालांकि, करीब दो घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद सभी प्रदर्शनकारियों को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर इंडिया गेट पर धरने पर बैठे थे। परिवार की मांग है कि हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच हो और मामले में कथित VIP की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए।
अंकिता के माता-पिता क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के एक होटल में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। साल 2022 में उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने पूरे देश में लोगों का ध्यान खींचा था। घटना के बाद से ही अंकिता के परिवार और समर्थकों की ओर से न्याय की मांग उठाई जाती रही है।मामले में एक कथित VIP का मुद्दा भी लगातार चर्चा में रहा है। आरोपों के मुताबिक, अंकिता पर VIP को विशेष सेवाएं देने का दबाव था और इनकार करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि, संबंधित VIP की पहचान सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हुई है। इस मामले में किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों और अदालत में साबित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है।
दुष्यंत कुमार गौतम की भूमिका पर परिवार ने उठाए सवाल
अंकिता का परिवार लंबे समय से दुष्यंत कुमार गौतम की कथित भूमिका को लेकर सवाल उठाता रहा है। परिवार की ओर से इस संबंध में आरोप लगाए गए हैं, लेकिन इन आरोपों को किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि के रूप में नहीं देखा जा सकता।दुष्यंत कुमार गौतम को हाल ही में सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद परिवार ने विरोध जताया है। इसी मुद्दे को लेकर अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट पर धरने पर बैठे थे। परिवार चाहता है कि मामले से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिले और न्याय की प्रक्रिया में किसी भी पहलू को नजरअंदाज न किया जाए।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी पहुंचे थे धरने पर
अंकिता भंडारी के परिवार के समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी बुधवार को धरनास्थल पर पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने परिवार की मांगों के प्रति समर्थन जताया। उनके पहुंचने के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में आ गया।प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया। सभी को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया। करीब दो घंटे बाद अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया गया।
न्याय की मांग को लेकर जारी है विवाद
अंकिता भंडारी हत्याकांड में परिवार की ओर से न्याय की मांग लगातार उठाई जा रही है। इंडिया गेट पर प्रदर्शन का उद्देश्य कथित VIP से जुड़े सवालों और परिवार की शिकायतों को सामने लाना था। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी इस मामले को लेकर बहस जारी है।अब देखना होगा कि परिवार की मांगों पर संबंधित अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और मामले से जुड़े अनसुलझे सवालों पर आगे क्या स्थिति स्पष्ट होती है। अंकिता के परिवार की मुख्य मांग है कि उन्हें न्याय मिले और पूरे प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्षता से जांच की जाए।

