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अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिला तो महिलाओं के मनोबल पर असर पड़ेगा : हरीश रावत

कुरुक्षेत्र, 18 जनवरी (आईएएनएस)। अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने दावा किया है कि अगर न्याय नहीं मिला, तो इसका असर उत्तराखंड की महिलाओं के मनोबल पर पड़ेगा। हम चाहते हैं कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में सीबीआई करे।
अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिला तो महिलाओं के मनोबल पर असर पड़ेगा : हरीश रावत

कुरुक्षेत्र, 18 जनवरी (आईएएनएस)। अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने दावा किया है कि अगर न्याय नहीं मिला, तो इसका असर उत्तराखंड की महिलाओं के मनोबल पर पड़ेगा। हम चाहते हैं कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में सीबीआई करे।

कुरुक्षेत्र में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा कि अंकिता ने उत्तराखंड की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए अपनी जान दे दी। रिसॉर्ट का मालिक उस पर दबाव डाल रहा था और कह रहा था कि कुछ वीआईपी मेहमान आ रहे हैं, इसलिए उन्हें स्पेशल सर्विस देनी चाहिए। उसने मना कर दिया। उसने अपनी जान देकर जो बलिदान दिया, वह राज्य की गरिमा की रक्षा के लिए था।

उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर देखते हैं। यह सत्ताधारी पार्टी बनाम विपक्ष का मामला नहीं है, बल्कि राज्य की सामूहिक गरिमा का सवाल है। यदि अंकिता को न्याय नहीं मिलता है, तो इसका दुष्परिणाम राज्य के लिए बहुत खराब होगा। महिलाओं के मनोबल पर असर पड़ेगा और राज्य की प्रतिष्ठा पर भी सवाल उठेगा। लोग पूछ रहे हैं कि वे वीआईपी कौन हैं, जिनके लिए देहरादून और दिल्ली मौन हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने साक्ष्य नष्ट किए, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में सीबीआई को ही करनी चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रविवार को कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि पूरे देश के हर राज्य में एक अभियान चलाया जा रहा है। लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं की राय ली जा रही है और तालमेल तथा सहमति से जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को चुना जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत जिला अध्यक्षों के लिए ट्रेनिंग कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतागणों एवं कार्यकर्ता साथियों से शिष्टाचार भेंट हुई एवं इस दौरान उनके साथ जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

इंदिरा अम्मा कैंटीन का जिक्र करते हुए हरीश रावत ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार इनको बंद कर रही है और जिन ऑब्जेक्टिव को ध्यान में रखकर यह खोली गई थीं, उन ऑब्जेक्टिव के प्रेरणा स्रोत या पैरोकार कहिए इंदिरा गांधी से बेहतर और कौन-सा व्यक्तित्व हो सकता था, इसलिए उनके नाम पर यह कैंटीनें खोली गईं। इस सरकार को क्या पसंद नहीं आया, अब वह बंद हो रहे हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम

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