आंध्र प्रदेश: आईपीएस अधिकारी विशाल गुन्नी और कांति राणा टाटा का सस्पेंशन रद्द
अमरावती, 3 सितंबर (आईएएनएस)। राज्य सरकार ने सीनियर आईपीएस अधिकारी विशाल गुन्नी (2010 बैच) और कांति राणा टाटा (2004 बैच) का सस्पेंशन रद्द कर दिया है। जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (जीएडी) ने गुरुवार को आदेश जारी कर दोनों अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सेवा में बहाल कर दिया।
सरकार ने पहले ऑल इंडिया सर्विसेज (अनुशासन और अपील) नियमों के तहत विशाल गुन्नी और कांति राणा टाटा को सस्पेंड किया था। बाद में उनके सस्पेंशन की समय-समय पर समीक्षा की गई और उसे बढ़ाया गया। उनका आखिरी सस्पेंशन 4 सितंबर तक लागू था।
सरकार ने सस्पेंशन रद्द करने के संबंध में डीजीपी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट की जांच की। सरकार ने 24 अगस्त को कांति राणा टाटा द्वारा दिए गए आवेदन पर भी विचार किया। सभी संबंधित पहलुओं की जांच के बाद, सरकार ने उनका सस्पेंशन रद्द करने का फैसला किया।
इसके अनुसार, विशाल गुन्नी और कांति राणा टाटा को तुरंत प्रभाव से सेवा में बहाल करने के आदेश जारी किए गए। हालांकि, आदेशों में यह स्पष्ट किया गया कि सस्पेंशन रद्द होने का उनके खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही और आपराधिक मामलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
2024 में आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के सत्ता में आने के बाद, कादंबरी जेठवानी ने राज्य सरकार से शिकायत की कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा था। उनकी शिकायत के बाद कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। जेठवानी की शिकायत के आधार पर इब्राहिमपटनम पुलिस ने अक्टूबर 2024 में एफआईआर नंबर 469 दर्ज की।
अक्टूबर 2024 में जेठवानी की शिकायत के आधार पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी। इस मामले में अभी चार्जशीट दाखिल की जानी बाकी है। सरकार ने कहा कि गुन्नी और टाटा का सस्पेंशन रद्द करने का फैसला लेने से पहले उसने डीजीपी की रिपोर्ट और 24 अगस्त को उनके द्वारा सौंपे गए जवाबों की समीक्षा की।
हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया कि सस्पेंशन रद्द होने से उनके खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मामलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सरकार ने डीजीपी को निर्देश दिया कि वे दोनों अधिकारियों को आदेश की प्रतियां सौंपें और उनसे प्राप्ति की रसीद लें।
ये आदेश मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद के नाम से जारी किए गए। सरकार ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि वे दोनों अधिकारियों को आदेश की प्रतियां सौंपें और उनसे प्राप्ति की रसीद प्राप्त करें।
--आईएएनएस
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