DU छात्रसंघ चुनाव में दिखा चुनावी दंगल जैसा माहौल, लग्जरी गाड़ियों से प्रचार और ढोल-नगाड़ों के बीच नारेबाजी
दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव का माहौल इन दिनों किसी बड़े विधानसभा या लोकसभा चुनाव से कम नजर नहीं आ रहा। लग्जरी गाड़ियों का काफिला, तेज नारेबाजी, ढोल-नगाड़े, फूलों की बारिश और समर्थकों की भीड़ ने कैंपस के चुनावी माहौल को काफी गरमा दिया। उम्मीदवारों के पहुंचते ही समर्थक उनके गले में फूलों की मालाएं डालते नजर आए। कई जगह पटाखे भी छोड़े गए और गाड़ियों की छतों पर खड़े समर्थक नारेबाजी करते दिखाई दिए।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान होना है। चुनाव प्रचार 16 सितंबर की शाम 5 बजे समाप्त हो गया। अब उम्मीदवारों और छात्र संगठनों की नजर मतदान पर है। मतगणना 19 सितंबर को होगी और इसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।चुनाव प्रचार के दौरान कैंपस में अलग-अलग छात्र संगठनों और उम्मीदवारों ने अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। एक उम्मीदवार का प्रचार खत्म होते ही दूसरे उम्मीदवार का काफिला कैंपस में पहुंचता दिखाई दिया। समर्थकों की भीड़ के बीच नारेबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ प्रचार किया गया। कई जगह हवा में पर्चे और फूल उछाले गए। इस पूरे माहौल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव को बड़े राजनीतिक चुनाव जैसा रूप दे दिया।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद पहला बड़ा छात्र चुनाव
इस बार दिल्ली यूनिवर्सिटी का छात्रसंघ चुनाव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जंतर-मंतर पर CJP के बड़े प्रदर्शन के बाद यह पहला छात्रसंघ चुनाव है। ऐसे में छात्र संगठनों और उम्मीदवारों के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर उम्मीदवारों ने छात्रों तक पहुंचने की कोशिश की और अपने पक्ष में समर्थन जुटाया।DUSU चुनाव में आमतौर पर विभिन्न छात्र संगठनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है। इस बार भी प्रचार अभियान के दौरान कैंपस में कई जगह उम्मीदवारों के समर्थकों की भीड़ दिखाई दी। प्रचार के आखिरी दिन तक उम्मीदवारों ने छात्रों से संपर्क किया और अपने लिए वोट मांगे।
18 सितंबर को मतदान, 19 को आएंगे नतीजे
अब प्रचार अभियान समाप्त होने के बाद सभी उम्मीदवारों का फोकस मतदान पर है। 18 सितंबर को छात्र अपने प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए वोट डालेंगे। इसके बाद 19 सितंबर को मतगणना होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह का माहौल दिल्ली यूनिवर्सिटी में दिखाई दिया, उसने छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान खींचा है। अब देखना होगा कि मतदान के दिन छात्रों की भागीदारी कैसी रहती है और मतगणना के बाद किसे छात्र प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी मिलती है।

