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अमरावती में वन्यजीव सप्ताह पर चला विशेष रेस्क्यू अभियान, 131 सांपों समेत कई जानवरों को बचाया गया

अमरावती में वन्यजीव सप्ताह पर चला विशेष रेस्क्यू अभियान, 131 सांपों समेत कई जानवरों को बचाया गया
अमरावती में वन्यजीव सप्ताह पर चला विशेष रेस्क्यू अभियान, 131 सांपों समेत कई जानवरों को बचाया गया

मुंबई, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के अमरावती में वन्यजीव सप्ताह के अवसर पर ‘वॉर’ यानी वाइल्ड लाइफ अवेयरनेस रिसर्च एंड वेलफेयर सोसायटी की ओर से विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया। 1 से 7 अक्टूबर के दौरान चलाए गए इस अभियान में कुल 131 सांपों को सुरक्षित बचाया गया। इसके अलावा दो घायल बंदरों, नीलगाय के एक बच्चे, तीन गोह, सात चमगादड़ों और एक पक्षी का भी रेस्क्यू किया गया।

अमरावती वन विभाग के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान में वन विभाग की रैपिड रेस्क्यू टीम के साथ ‘वॉर’ संस्था के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ा और उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। अनकवाड़ी और तलेगांव ठाकुर परिसर में दो अजगरों का भी रेस्क्यू किया गया। बताया गया कि इन अजगरों ने नीलगाय और बकरी के बच्चों को निगल लिया था।

इस बीच, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में कमी और मानवीय बस्तियों के विस्तार के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है। वडाली वन परिक्षेत्र में तेंदुए के आबादी वाले क्षेत्रों में घुसने की घटनाओं के साथ ही एसआरपीएफ कैंप परिसर में सड़क पार करते समय एक तेंदुए की मौत की घटना भी सामने आई है। इस पृष्ठभूमि में नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

‘वॉर’ संस्था के अध्यक्ष नीलेश कांचनपुरे ने अपील की है कि यदि रिहायशी इलाकों में सांप या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो उन्हें मारने का प्रयास न करें। इसकी सूचना वन विभाग या वन्यजीव रेस्क्यू टीम को दें, ताकि उन्हें सुरक्षित बचाया जा सके।

इसके अलावा, ‘वॉर’ संस्था के अध्यक्ष नीलेश कांचनपुरे ने बताया कि 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया जाता है। अमरावती में हमारी वार संस्था है, जो पूरे जिले भर में काम करती है। हमारे वार संस्था ने वन्यजीव सप्ताह अंतर्गत जमीन पर उतरकर 131 सापों का रेस्क्यू किया। इसके अतिरिक्त, 1 नीलगाय, 2 बंदर और 3 मॉनिटर लिजर्ड को स्पॉट पर जाकर रेस्क्यू किया गया है। वार संस्था ने लोगों को वन के बारे में भी जानकारी दी है।

टीम ने मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए लोगों को जागरूक करने का काम किया है, जिससे कि पर्यावरण का संतुलन बना रहे। इसके साथ ही लोगों को बताया गया है कि जहां कहीं भी आपको वन प्राणी दिखता है, तो तुरंत ही आप वन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1926 पर कॉल करके हमारी संस्था से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि कोई भी वन प्राणी मरना नहीं चाहिए। अनैसर्गिक मृत्यु से पर्यावरण को हानी है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी

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