अमित शाह का बड़ा बयान: कश्मीर, वीडियो में जाने नॉर्थ ईस्ट और नक्सल प्रभावित इलाकों में अब शांति, 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने लंबे समय से चुनौती बनी कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट और नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में अब शांति का माहौल है। उन्होंने इन इलाकों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और उनके प्रयासों की सराहना की। साथ ही शाह ने देशभर में नशे के खिलाफ अभियान तेज करने की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए सभी पुलिस बलों और संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा।
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिसकर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।शाह ने कहा कि पुलिसकर्मी देश की सुरक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं और कई बार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देते हैं। उनका योगदान देश हमेशा याद रखेगा।राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन उन पुलिसकर्मियों को याद किया जाता है, जिन्होंने देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट और नक्सलवाद पर क्या बोले अमित शाह?
गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट और नक्सलवाद प्रभावित इलाके लंबे समय से देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने बड़ी चुनौतियां रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के लगातार प्रयासों और कार्रवाई के चलते अब शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।शाह ने सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है।इन क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार लगातार विभिन्न कदम उठाती रही है। हालांकि, अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां और चुनौतियां अलग हो सकती हैं।
2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
अमित शाह ने अपने संबोधन में नशे के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।गृह मंत्री के मुताबिक, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल एक एजेंसी के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। देश के सभी पुलिस बलों, जांच एजेंसियों और संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा। नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए समन्वित कार्रवाई आवश्यक है।उन्होंने नशे के कारोबार को समाज और देश के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बताया। शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों का अवैध व्यापार आने वाली पीढ़ियों को कमजोर कर रहा है और इसके दुष्परिणाम समाज के कई वर्गों पर पड़ते हैं।
नशे का कारोबार अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती
अमित शाह ने कहा कि नशे का कारोबार केवल सामाजिक समस्या नहीं है, बल्कि इससे अर्थव्यवस्था पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है। नशे की लत से प्रभावित लोगों के इलाज, पुनर्वास और इससे जुड़े अन्य परिणामों के कारण समाज को नुकसान उठाना पड़ता है।उन्होंने यह भी कहा कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से मिलने वाला पैसा देशविरोधी संगठनों की आर्थिक मदद का जरिया बन सकता है। ऐसे में नशे के नेटवर्क को तोड़ना आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।शाह ने पुलिस बलों से अपील की कि वे नशे की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान को भी मजबूत करें, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखा जा सके।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका अहम
गृह मंत्री के संबोधन में आंतरिक सुरक्षा, पुलिसकर्मियों के बलिदान और नशे के खिलाफ अभियान प्रमुख विषय रहे। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के योगदान को याद करते हुए सुरक्षा एजेंसियों से देश की सुरक्षा के लिए लगातार समर्पित रहने की अपील की।साथ ही, 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिशा में पुलिस बलों और अन्य एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

