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राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर भड़के हरीश रावत, बोले- घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करे सरकार

राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर भड़के हरीश रावत, बोले- घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करे सरकार
राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर भड़के हरीश रावत, बोले- घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करे सरकार

देहरादून, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। हरीश रावत ने कहा कि सीमा की सुरक्षा सरकार के हाथ में है। अगर घुसपैठ बढ़ रही है और कश्मीर में आतंकवाद पनप रहा है, तो सवाल 12 साल से सत्ता में बैठी सरकार से पूछा जाना चाहिए, राहुल गांधी से नहीं।

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा, "सीमा की सुरक्षा आपके हाथ में है। आप कठोर कदम उठाइए, हम आपका साथ देंगे। अगर घुसपैठ बढ़ रही है, कश्मीर के अंदर आतंकवाद पनप रहा है, तो सवाल तो उनसे किया जाना चाहिए, जो 12 साल से सत्ता में हैं। राहुल गांधी से इस सवाल का क्या मतलब है? घुसपैठियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। कहते थे कि करोड़ों की संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिये देश के अंदर हैं, तो आप डिपोर्ट करो उन्हें। एक नाम बता दें, पिछले 11 सालों में, जिन्हें बांग्लादेश वापस भेजा हो।"

उन्होंने आगे कहा कि उनका गुस्सा समझ में आता है, क्योंकि जिनसे वो चोरी करवाते थे, वो पकड़ी गई और जगजाहिर हो गया है। राहुल गांधी इस मुद्दे को कब से उठा रहे थे, आज संगठित आवाज के तौर पर इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व कर रहे हैं। जिससे चोरी करवाते थे, वो तो अपराधी के तौर पर खड़ा ही है, और जो चोरी करवाते थे, उनके चेहरे भी साफ हो रहे हैं।

उत्तराखंड की धामी सरकार ने तंबाकू पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसे लेकर पूर्व सीएम रावत ने कहा कि इसके बारे में बाद में बात करेंगे। ऐसी बातें कभी-कभी दिखावे के लिए बोल देते हैं, लेकिन करते नहीं हैं।

उत्तराखंड के लिए नए गवर्नर की नियुक्ति पर कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा, "यह उनका अंदरूनी मामला है। हो सकता है कि सरदार जी (उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त)) की उपयोगिता की अब जरूरत नहीं रही, इसलिए उन्हें हटा दिया गया। अब देखते हैं कि नए गवर्नर खुद को कैसे साबित करते हैं। हो सकता है कि उन्हें इसलिए भेजा गया हो क्योंकि वे ज्यादा पक्के भाजपा समर्थक साबित हो सकते हैं।"

--आईएएनएस

केके/एबीएम

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