अमित शाह के बयान का एनडीए नेताओं ने किया समर्थन, कहा- बैलेट हो या ईवीएम, कांग्रेस हारेगी ही
पटना, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान "गुजरात में बैलेट पेपर से वोटिंग हुई, कांग्रेस फिर भी हारी" पर बिहार और झारखंड के एनडीए नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। नेताओं ने गृह मंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने कहा कि हार का कारण ईवीएम या बैलेट पेपर नहीं, बल्कि कांग्रेस का काम न करना और जनता से दूरी है।
पटना में बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "गृह मंत्री अमित शाह का यह कहना सही है कि राहुल गांधी को भाजपा से सीखना चाहिए। भले ही कोई और न कहे, लेकिन वे यह कह रहे हैं। राहुल गांधी को यह सीखना चाहिए कि भाजपा कैसे काम करती है।"
राम कृपाल यादव ने कहा कि भाजपा गुजरात और अन्य जगहों पर चाहे स्थानीय निकाय चुनाव हो या उपचुनाव, हर जगह चुनाव जीत रही है। उन्होंने राहुल गांधी और उनके पार्टी के अन्य नेताओं पर तंज कसते हुए कहा, "राहुल गांधी और उनकी रामलीला मंडली को इस बात की चिंता करनी चाहिए कि क्या वे 2029 में भी मौजूद रहेंगे या नहीं। मुझे पूरा भरोसा है कि लोगों ने केंद्र और राज्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम पर भरोसा जताया है और मोदी सरकार 2029 में फिर से सत्ता में आएगी।"
पटना में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस का हारना तय है। चाहे चुनाव किसी भी माध्यम से हो। उन्होंने कहा, "बैलेट पेपर से चुनाव हो रहा है। कांग्रेस हार रही है। ईवीएम से चुनाव हो रहा है, कांग्रेस हार रही है। ज्ञानेश कुमार से पहले चुनाव हो रहा था, कांग्रेस हार रही थी। ज्ञानेश कुमार के बाद चुनाव होगा, कांग्रेस हारेगी।"
गुरु प्रकाश ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ, पंजाब विश्वविद्यालय छात्र संघ और असम के सिलचर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बैलेट से चुनाव हुआ, फिर भी कांग्रेस हार गई। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा कुछ परिवारों की ठेकेदारी और सामंतवादी मानसिकता है, जो अपनी मठाधीशी बरकरार रखना चाहते हैं।
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी अमित शाह के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "बैलेट या ईवीएम से नहीं, वोट आपको आपके काम पर मिलते हैं। गुजरात के निकाय चुनाव के जो नतीजे हैं, वे इस बात की तस्दीक करते हैं कि आपने काम किया है तो फिर मतदान की प्रक्रिया जो भी हो, माध्यम ईवीएम हो या बैलेट हो, जीत उसी की होगी जो जनता के बीच सक्रिय हैं, जिन्होंने जनता के लिए काम किया है, जिनकी उपलब्धियों से लोगों की जिंदगी में बदलाव आए हैं।"
रांची में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने अमित शाह के बयान को आई-ओपनिंग स्टेटमेंट बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एसआईआर के मुद्दे का विरोध कर सिर्फ बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार राहुल गांधी के सहयोग से चल रही है और यहां की वोटर लिस्ट में तीन अफगानी नागरिक भी शामिल थे। उन्होंने सवाल उठाया, "अब आप बताएं कि जिस तरह की चीजें यहां पर दिख रही हैं, अगर विदेशी नागरिकों को देश की वोटर लिस्ट से हटाने का कार्यक्रम चल रहा है, तो इसमें राहुल गांधी को आपत्ति क्यों है? अमित शाह ने बिल्कुल ठीक कहा है, कहीं न कहीं कांग्रेस ने इन सारे लोगों को, घुसपैठियों को अपना वोट बैंक बना लिया है।"
--आईएएनएस
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