अमित शाह के '3 करोड़ घुसपैठिए' वाले दावे पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- 13 साल से क्या कर रही थी सरकार?
नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर सियासत तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों में 3 करोड़ घुसपैठिए शामिल हैं। कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर तीन करोड़ लोग घुसपैठिए थे तो पिछले 13 सालों से केंद्र में बैठी सरकार क्या कर रही है?
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर तंज कसते हुए कहा, "वो तो हमारी हां में हां मिला रहे हैं, कांग्रेस की बात को बल दे रहे हैं। यही तो हम कह रहे हैं कि 13 करोड़ नाम निकाले गए हैं। अमित शाह कह रहे हैं कि 3 करोड़ घुसपैठिए हैं और सीएम योगी कह रहे हैं कि अकेले उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ हैं, तो इसका मतलब है कि हमारी बात पूरी तरह सच है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि मृतकों की संख्या तो कुछ लाख ही है, बाकी नाम जाति, धर्म और पार्टी की निष्ठा देखकर काटे गए हैं। उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए कहा, "भाजपा के पास एक टूल है, उसका नाम है ज्ञानेश। उनमें न शर्म है, न हया है, न गैरत है। इतने बड़े विरोध-प्रदर्शन के बाद भी वह कुर्सी से इसलिए चिपके हैं क्योंकि वह इतनी गलतियां कर चुके हैं कि उनकी गर्दन अमित शाह और पीएम मोदी के हाथ में है। उन्होंने अपनी कुर्सी पर कलंक लगा दिया है।"
वहीं, रांची में कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अभी तक मात्र 1,600 लोगों की ही पहचान घुसपैठियों के तौर पर हुई है और उसमें भी 500 से ज्यादा लोग नेपाल के हैं।"
उन्होंने सवाल किया कि अगर देश में 3 करोड़ घुसपैठिए हैं, तो पिछले 13 साल से केंद्र में सत्ता में रहने के बावजूद सरकार क्या कर रही थी?
उन्होंने कहा, "अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं। अगर उन्हीं के बयान को आधार मानें कि 3 करोड़ घुसपैठिए देश में हैं, तो 13 साल हो गए उनकी सरकार को, फिर यह देश की आंतरिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।"
--आईएएनएस
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