SIR विवाद के बीच आज दिल्ली में विपक्ष का 'सेव डेमोक्रेसी मार्च', वीडियो में जाने चुनाव आयोग तक पैदल जाएंगे 19 दल
एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जारी राजनीतिक विरोध अब दिल्ली में भी तेज होने जा रहा है। INDIA ब्लॉक के 19 विपक्षी दलों के सांसद मंगलवार को राजधानी में 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' निकालेंगे। विपक्षी सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक पैदल मार्च करेंगे। करीब 3 किलोमीटर लंबे इस मार्च के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग के सामने अपनी आपत्तियां और मांगें रखेगा। यह मार्च INDIA ब्लॉक की ओर से 2 से 8 अक्टूबर तक चलाए जा रहे 'सेव डेमोक्रेसी' अभियान का हिस्सा है। विपक्षी दलों ने एसआईआर की प्रक्रिया, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कई सवाल उठाए हैं। 30 सितंबर को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में तय किया गया था कि 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।
खड़गे ने बताईं कांग्रेस की तीन बड़ी मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पार्टी की तीन 'नॉन-नेगोशिएबल' मांगें सामने रखीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों पर समझौता नहीं करेगी।पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। दूसरी मांग एसआईआर को रद्द करने की है। तीसरी मांग चुनावों में बैलेट पेपर की वापसी की है। खड़गे ने कहा कि इन तीन मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता और INDIA ब्लॉक के सहयोगी दल देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं।विपक्षी दलों का कहना है कि एसआईआर को लेकर उठे सवालों का समाधान जरूरी है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने एसआईआर से जुड़े अपने फैसलों को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताया है।
19 दलों ने बनाई संयुक्त रणनीति
INDIA ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी (एसपी), शिवसेना (यूबीटी), आरजेडी, सीपीआई, सीपीआई (एम), जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा समेत कुल 19 राजनीतिक दलों ने संयुक्त आंदोलन की रणनीति पर सहमति जताई थी। इसके तहत दिल्ली में मार्च के अलावा देशभर में जिला स्तर पर प्रदर्शन और आगे बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना है।विपक्षी नेताओं ने एसआईआर से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग भी उठाई है। इसके अलावा INDIA ब्लॉक के नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी चिंताएं रखने की तैयारी में हैं।
पिछले साल भी चुनाव आयोग तक निकाला था मार्च
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी सांसदों का यह मार्च पहली बार नहीं है। इससे पहले 11 अगस्त 2025 को भी INDIA ब्लॉक के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक पैदल मार्च कर चुके हैं। उस मार्च में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए थे।अब एक बार फिर एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से सड़क पर उतरने का फैसला किया है। मंगलवार को होने वाले मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर भी नजर रहेगी। चुनाव आयोग मुख्यालय पहुंचने के बाद विपक्षी सांसद अपनी मांगों और एसआईआर को लेकर आपत्तियों को सामने रखेंगे।

