अमेरिका में कई राज्यों में खाने-पीने की चीजों से जुड़ी बीमारियां फैलीं, एनआईएच ने जताई चिंता
वॉशिंगटन, 10 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका की हेल्थ एजेंसियां कई राज्यों में लेट्यूस (सलाद पत्ता), मीट, पोल्ट्री, अंडे और ताजी उपज से जुड़ी बीमारियों के फैलने और उनमें गंदगी या संक्रमण के खतरों की जांच कर रही हैं। वहीं, देश के टॉप मेडिकल रिसर्च अधिकारी ने रविवार को ग्राहकों को खाने-पीने की चीजों की सुरक्षा के बारे में भरोसा दिलाने की कोशिश की।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) के डायरेक्टर डॉ. जे भट्टाचार्य ने माना कि मैक्सिको से आने वाले आइसबर्ग लेट्यूस से जुड़ी साइक्लोस्पोरा की बीमारी का फैलना आम सालों की तुलना में ज्यादा बड़ा था। सीबीएस न्यूज के प्रोग्राम "फेस द नेशन" में दिए गए इंटरव्यू के दौरान दी गई जानकारी के मुताबिक यह बीमारी 15 राज्यों तक फैल गई है और पिछले हफ्ते दो लोगों की मौत की खबर मिली है।
भट्टाचार्य ने कहा, "साइक्लोस्पोरा का फैलना आम वर्षों की तुलना में ज्यादा बड़ा है।"
उन्होंने कहा कि ये दो मौतें जून के आखिर और जुलाई की शुरुआत में हुई थीं, जब अधिकारियों ने बीमारी के स्रोत का पता नहीं लगाया था। उन्होंने कहा कि सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) अब संक्रमण का पता लगाने और प्रभावित उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचने से रोकने के लिए काम कर रहे हैं।
भट्टाचार्य ने कहा, "सीडीसी और एफडीए यह पता लगाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं कि ये बीमारियां असल में कहां से फैल रही हैं। सप्लायर्स के साथ मिलकर यह पक्का कर रहे हैं कि वे ऐसा न करें और उत्पादों को वापस मंगा रहे हैं ताकि बीमारी या यह स्थिति और न फैले।"
ये चेतावनियां ऐसे समय में आई हैं जब अमेरिकी एक ही समय में खाने-पीने से जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। सीबीएस की एंकर मार्गरेट ब्रेनन ने कहा कि कृषि विभाग ने मीट और पोल्ट्री उत्पादों के लिए अलर्ट जारी किया है जिनमें साल्मोनेला हो सकता है।
उन्होंने 27 राज्यों में जलापेनो (एक तरह की मिर्च) से जुड़े संभावित साल्मोनेला संक्रमण का भी जिक्र किया, जिसमें सीडीसी के नोटिस में धनिया, लाल प्याज और एवोकाडो भी शामिल थे। ब्रेनन ने कहा कि अल्बर्टसन्स ग्रोसरी चेन ने कुछ उत्पादों को वापस मंगाया है, जबकि अधिकारी टेक्सास में अंडों से जुड़े साल्मोनेला के खतरों की भी जांच कर रहे हैं।
एक अलग घटना में स्क्रूवर्म के फैलने से बीफ की सप्लाई प्रभावित हुई है।
भट्टाचार्य, जो नए डायरेक्टर के पद संभालने तक कुछ समय के लिए सीडीसी को चलाने में मदद कर रहे हैं, ने कहा कि ग्राहक अभी भी लेट्यूस खरीद सकते हैं, लेकिन इसे तैयार करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "हम यह पक्का करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं कि दूषित स्रोत दुकानों की शेल्फ तक न पहुंचें।" उन्होंने कहा, "आप लेट्यूस खरीद सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि उसे अच्छी तरह धो लें। बाहरी पत्तियां न खाएं और सब्जियां पकाकर खाएं।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका को मध्य मैक्सिको से खाने-पीने की चीजों के आयात पर रोक लगानी चाहिए, तो भट्टाचार्य ने कहा कि वह एफडीए की तरफ से कुछ नहीं कह सकते। हालांकि, उन्होंने बीमारी फैलने की जांच कर रहे एजेंसी के कर्मचारियों के काम का बचाव किया।
भट्टाचार्य ने कहा कि साइक्लोस्पोरा संक्रमण का पता लगाना बहुत मुश्किल है क्योंकि इसके सही स्रोत की पहचान करना बैक्टीरिया से फैलने वाली बीमारी की जांच करने की तुलना में ज्यादा पेचीदा है।
उन्होंने कहा, "खासकर साइक्लोस्पोरा के मामले में यह मुश्किल है क्योंकि तकनीकी कारणों से, इसके सही स्रोत का पता लगाना सिर्फ़ बैक्टीरिया वाले मामले की तुलना में कहीं ज्यादा कठिन है।"
भट्टाचार्य ने आयात पर कोई नई रोक लगाने की घोषणा नहीं की और न ही जांच पूरी करने के लिए कोई समय-सीमा बताई।
साइक्लोस्पोरा संक्रमण एक बहुत छोटे परजीवी (पैरासाइट) की वजह से होता है और आमतौर पर दूषित ताजी उपज से जुड़ा होता है। इससे लंबे समय तक दस्त, पेट में ऐंठन, जी मिचलाना, थकान और भूख न लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर संक्रमण का इलाज न किया जाए, तो लक्षण बने रह सकते हैं या दोबारा हो सकते हैं।
साल्मोनेला एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो आमतौर पर दूषित भोजन से फैलता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमज़ोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को गंभीर बीमारी का ज्यादा खतरा होता है। वहीं, 'न्यू वर्ल्ड स्क्रूवर्म' एक परजीवी मक्खी है जिसके लार्वा गर्म खून वाले जानवरों के घावों में पनपते हैं और मवेशियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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