अमेरिका ने अफगानिस्तान को लेकर जारी की ट्रैवल एडवाइजरी, कहा-पाकिस्तान के हमले से बिगड़े हालात
नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए यूएस मिशन ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें पाकिस्तान के हमले से बिगड़ते हालात को बेहद संजीदा और जोखिम भरा बताया है। एक्स पोस्ट में इस रिलीज के साथ लिखा है कि अमेरिका पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर नजर बनाए हुए है।
मिशन की एडवाइजरी के अनुसार, "पाकिस्तान ने 27 फरवरी, 2026 को स्थानीय समयानुसार सुबह 1:50 बजे काबुल, पक्तिया और कंधार पर एयरस्ट्राइक की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट सुबह 9:00 बजे तक अफगानिस्तान के एयरस्पेस में रहे और निशाना तलाशते रहे।"
इसमें आगे लिखा है कि मीडिया आउटलेट्स ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर झड़प की भी खबर दी है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मुख्य बॉर्डर क्रॉसिंग बंद हैं।
यूएस ने इन परिस्थितियों को काफी प्रतिकूल माना है। उनके मुताबिक ये डेवलपमेंट अफगानिस्तान में रहने या वहां जाने वालों के लिए "काफी जोखिम भरा है।"
अफगानिस्तान में यूएस मिशन ने अमेरिकी मूल के लोगों को याद दिलाया कि रिस्क की वजह से अफगानिस्तान के लिए ट्रैवल एडवाइजरी लेवल 4 (“ट्रैवल न करें”) पर बनी हुई है।
ट्रैवल एडवाइजरी में आगे लिखा है कि अमेरिकी सरकार अफगानिस्तान में अपने नागरिकों को रूटीन या इमरजेंसी सर्विस कॉन्सुलर सर्विस नहीं उपलब्ध करा सकती है।
दरअसल, काबुल में अमेरिकी एंबेसी ने 2021 में ऑपरेशन रोक दिए थे, और मिशन कतर की राजधानी दोहा से संचालित होता है।
इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी ईरान बॉर्डर पार करके अफगानिस्तान छोड़ने की कोशिश न करें, पाकिस्तान के सभी बॉर्डर इलाकों से बचें और लो प्रोफाइल रहें।
26-27 फरवरी की मध्य रात्रि से पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच हमले तेज हो गए। सुबह होते-होते पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर दिया।
रविवार को पाकिस्तान की ओर से सीमावर्ती इलाकों में की गई एयरस्ट्राइक के जवाब में काबुल ने हमला किया था। पाकिस्तान ने कहा था कि उसने रविवार के हमलों में 70 उग्रवादियों को मारा था। हालांकि, पाक के दावे को अफगानिस्तान ने सिरे से खारिज किया और बताया कि पाकिस्तानी हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई आम लोग मारे गए थे। तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी और गुरुवार रात से उसने हमले शुरू कर दिए थे।
इस बीच पाकिस्तान ने बिना किसी सबूत के तालिबान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को बचाने का आरोप लगाया है।
--आईएएनएस
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