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अमेरिका-इजरायल के खिलाफ ईरान का एक्शन तेज, ड्रोन-मिसाइल हमलों के बीच खाड़ी देशों ने तैनात किए एयर डिफेंस सिस्टम

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने खाड़ी क्षेत्र और उसके बाहर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपने हमलों को और तेज कर दिया है। आईआरजीसी के अनुसार, अमेरिका-इजरायल के खिलाफ जवाबी हमलों के 70वें राउंड में 55 से ज्यादा जगहों को निशाना बनाया।
अमेरिका-इजरायल के खिलाफ ईरान का एक्शन तेज, ड्रोन-मिसाइल हमलों के बीच खाड़ी देशों ने तैनात किए एयर डिफेंस सिस्टम

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने खाड़ी क्षेत्र और उसके बाहर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपने हमलों को और तेज कर दिया है। आईआरजीसी के अनुसार, अमेरिका-इजरायल के खिलाफ जवाबी हमलों के 70वें राउंड में 55 से ज्यादा जगहों को निशाना बनाया।

ईरान की प्रेस टीवी वेबसाइट के अनुसार, आईआरजीसी ने बताया कि हमलों की नई लहर की वजह से टारगेटेड इलाकों में तेज धमाके, आग के गुबार और धुएं के गुबार उठे।

सऊदी अरब, कुवैत और इजरायल समेत खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने शनिवार सुबह ड्रोन और मिसाइलों से होने वाले हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम तैनात करने की खबर दी।

इसके अलावा हिज्बुल्लाह ने दावा किया है कि उसने एक ही दिन में, चाहे लेबनान में हो या उत्तरी इजरायल में, आईडीएफ के ऊपर 55 अलग-अलग हमले किए। हिज्बुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ अपने इतिहास में एक दिन में सबसे ज्यादा हमले किए हैं, हालांकि इजरायली डिफेंस फोर्स ने भी लेबनान में अलग-अलग हिस्सों में हमले तेज कर दिए हैं।

दूसरी ओर अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने अपनी जांच के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरानी अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स के अंदर जाने वाले रास्ते को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। सीएनएन ने बताया कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के मिसाइल लॉन्चर समेत कई हथियारों को जमीन के नीचे मौजूद जगहों के दरवाजों पर बमबारी करके बेकार करने की कोशिश की।

सीएनएन ने बताया कि उसने ईरान के 32 मिसाइल बेस की सैटेलाइट इमेज देखीं, जिनमें से ज्यादातर पहाड़ों के अंदर दबे हुए हैं और पाया कि सभी पर हवाई हमले हुए थे। ये आमतौर पर टनल के दरवाजों, जमीन के ऊपर बनी इमारतों या सड़क के जंक्शनों को निशाना बनाकर किए गए थे। अमेरिकी मीडिया ने 107 टनल के दरवाजों का विश्लेषण किया, उनमें से कम से कम 77 फीसदी पर बमबारी हुई थी।

इसके अलावा सैटेलाइट इमेज में बेस पर कम से कम 15 मिसाइल लॉन्चर भी खराब दिखे। अमेरिकी मीडिया ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि अमेरिका और इजरायल का ये तेज हवाई अभियान अंडरग्राउंड टनलों को बंद करने की कोशिश है। दरअसल, इन जगहों पर ईरान ने मिसाइल लॉन्चर को सुरक्षित तरीके से रीलोड करने की योजना बनाई थी, ताकि उन्हें अमेरिका की जगहों और मिडिल ईस्ट में सहयोगियों पर फायर करने के लिए बाहर निकाला जा सके।

युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान के मिसाइल और ड्रोन लॉन्च में 90 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है, हालांकि अमेरिकी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वे होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों जैसे रणनीतिक टारगेट पर हमले झेलने में सक्षम हैं।

--आईएएनएस

केके/वीसी

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