महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में ‘रिवर्स वॉटरफॉल’ का अद्भुत नजारा, नाणेघाट का वीडियो वायरल
महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट से एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसे देखकर लोगों को अपनी आंखों पर यकीन करना मुश्किल हो रहा है। आमतौर पर पूरी दुनिया में न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियम के अनुसार पानी ऊपर से नीचे की ओर बहता है, लेकिन पुणे के पास स्थित नाणेघाट में प्रकृति का नजारा कुछ अलग ही दिखाई देता है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पहाड़ी से गिरता झरना नीचे आने के बजाय ऊपर की ओर उड़ता हुआ नजर आ रहा है। इस अनोखी घटना को ‘रिवर्स वॉटरफॉल’ यानी उल्टा बहने वाला झरना कहा जा रहा है। वीडियो में तेज हवाओं के कारण गिरता हुआ पानी वापस ऊपर की दिशा में उड़ता दिखाई देता है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो पानी गुरुत्वाकर्षण को चुनौती दे रहा हो।
दरअसल, विशेषज्ञों के अनुसार यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि प्रकृति का वैज्ञानिक खेल है। मानसून के दौरान नाणेघाट की ऊंची पहाड़ियों पर तेज हवाएं चलती हैं। जब झरने का पानी नीचे गिरता है, तो तेज हवा की दिशा और रफ्तार उसे ऊपर की ओर उछाल देती है। यही वजह है कि यह झरना उल्टा बहता हुआ नजर आता है।
नाणेघाट पश्चिमी घाट का एक ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से समृद्ध स्थल है, जो ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। बरसात के मौसम में यहां हरियाली और झरनों का नजारा देखने लायक होता है। लेकिन ‘रिवर्स वॉटरफॉल’ का दृश्य इसे और भी खास बना देता है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं। कुछ यूजर्स ने इसे “प्रकृति का जादू” बताया, तो कुछ ने मजाक में लिखा कि “यहां न्यूटन का नियम छुट्टी पर चला गया है।” हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि गुरुत्वाकर्षण का नियम यहां भी लागू है, बस हवा की ताकत पानी की धार को अस्थायी रूप से ऊपर की ओर धकेल देती है।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अनोखे प्राकृतिक नजारों से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। हालांकि, पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी जाती है, क्योंकि मानसून के दौरान फिसलन और तेज हवाएं खतरनाक साबित हो सकती हैं।
फिलहाल, नाणेघाट का यह ‘उल्टा झरना’ इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे प्रकृति की अद्भुत शक्ति का उदाहरण मान रहे हैं।

