अमरनाथ यात्रा की 3 जुलाई से होगी शुरुआत, 29 जून को होगी 'प्रथम पूजा'
श्रीनगर, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। इस साल पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी। यह यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यात्रा से पहले भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए 'प्रथम पूजा' 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन आयोजित की जाएगी। यह पूजा यात्रा की आधिकारिक शुरुआत से पहले एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान मानी जाती है।
वहीं, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू होगा। श्रद्धालु इस तारीख से अपनी यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। हालांकि, आमतौर पर यात्रा की तय तारीख से कुछ दिन पहले एडवांस रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाता है, इसलिए श्रद्धालुओं को समय रहते पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है।
धार्मिक दृष्टि से अमरनाथ यात्रा का विशेष महत्व है। अमरनाथ गुफा को हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि इसी गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को “अमर कथा” यानी अमरत्व का रहस्य सुनाया था।
कहा जाता है कि इस दौरान वहां मौजूद कबूतरों की एक जोड़ी ने भी इस कथा को सुन लिया था और वे आज भी अमर माने जाते हैं। कई श्रद्धालु आज भी गुफा के आसपास इन कबूतरों के दर्शन होने का दावा करते हैं।
हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
बता दें कि पिछले साल भी आधिकारिक रूप से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई को हुई थी। उस समय यह यात्रा 38 दिनों तक चली और 9 अगस्त 2025 (रक्षाबंधन के दिन) को समाप्त हुई थी।
--आईएएनएस
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