अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को सनातन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया, एसआईटी जांच पर भी उठाए सवाल
आगरा, 14 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद और उसकी जांच के लिए एसआईटी गठन पर सवाल उठाते हुए इसे सनातन परंपरा के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि यदि प्रभु श्रीराम के चढ़ावे को लेकर कोई विवाद पैदा हुआ है तो उसका समाधान आपसी संवाद से होना चाहिए, न कि ऐसी स्थिति पैदा की जानी चाहिए जिससे धार्मिक आस्थाओं पर सवाल खड़े हों।
आगरा में रविवार को आयोजित ‘विजन इंडिया’ कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे की जांच अधिकारियों द्वारा किए जाने की नौबत आना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह विषय करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और इससे जुड़े घटनाक्रम पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
सपा प्रमुख ने भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सरकार के पास जवाब नहीं है, इसलिए लगातार नए विवाद खड़े किए जा रहे हैं।
उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण का भी जिक्र किया और कहा कि देश को विश्वगुरु बनाने के दावे करने वाली सरकार युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं रख सकी। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
समय से पूर्व विधानसभा चुनाव की अटकलों पर पूछे गए सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि जो सरकार पंचायत चुनाव तक समय पर नहीं करा पा रही है, उसके नवंबर में विधानसभा चुनाव कराने के दावे पर भरोसा करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी रणनीति सार्वजनिक नहीं करेगी, लेकिन प्रदेश की नई पीढ़ी बदलाव चाहती है और समाजवादी विचारधारा ही उत्तर प्रदेश के विकास का नया रास्ता तैयार करेगी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग दिए जाने पर भी उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इतने बड़े नेता को ऐसा विभाग मिला है, जिसके पास पर्याप्त संसाधन और बजट तक नहीं है।
स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे पर सपा प्रमुख ने कहा कि समाजवादी सरकारों ने हमेशा सरकारी चिकित्सा संस्थानों को मजबूत करने का प्रयास किया। उन्होंने सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी और लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉक्टरों को बेहतर सुविधाएं और वेतनमान उपलब्ध कराकर ही सरकारी अस्पतालों को मजबूत बनाया जा सकता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भविष्य में अवसर मिलने पर आगरा में भी ऐसा आधुनिक चिकित्सा संस्थान विकसित किया जाएगा, जहां आम और गरीब लोगों को उच्चस्तरीय इलाज, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हों।
सपा प्रमुख ने पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान की व्याख्या करते हुए कहा कि इसका वास्तविक अर्थ प्रेम, दया और अपनापन है।
--आईएएनएस
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