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अखिलेश यादव भले ही ब्राह्मण सम्मेलन कर लें, कोई वोट नहीं देने वाला है : ओमप्रकाश राजभर

लखनऊ, 17 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा बयान दिया है, जिससे यूपी की सियासत में हलचल मच गई है।
अखिलेश यादव भले ही ब्राह्मण सम्मेलन कर लें, कोई वोट नहीं देने वाला है : ओमप्रकाश राजभर

लखनऊ, 17 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा बयान दिया है, जिससे यूपी की सियासत में हलचल मच गई है।

मंत्री राजभर ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के अंदर सांसदों की बगावत के जो सुर देखे गए, महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे (यूबीटी) के सांसद भी एकनाथ शिंदे गुट की ओर रुख करते दिख रहे हैं, अब इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की बारी है। उन्होंने संकेत दिया कि समाजवादी पार्टी के कई सांसद और नेता भी पार्टी छोड़कर एनडीए की ओर आ सकते हैं।

लखनऊ में आईएएनएस से बात करते हुए मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सभी ने देखा है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर क्या हुआ, और अब लोग महाराष्ट्र की बात कर रहे हैं। मैं कहना चाहता हूं कि इसके बाद उत्तर प्रदेश की बारी है। खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन है, पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। शिकंजा कस रहा है तो सपा परेशान है। महाराष्ट्र बंगाल छोड़िए, समूची सपा, भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठी है।

मंत्री ने कहा कि सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र और एक लिस्ट दी थी। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि वह पत्र सार्वजनिक करें और बताएं कि उन्होंने कौन सा पत्र और किस मकसद से सौंपा था। वरना, ऐसा लगता है कि उस पत्र में कुछ ऐसे सांसदों और नेताओं का जिक्र था, जिन्हें बुलाकर भाजपा में शामिल किया जा सकता है।

उन्होंने फिर अपनी बात दोहराते हुए कहा कि क्या आपने राम गोपाल यादव को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुपचाप एक चिट्ठी सौंपते हुए नहीं देखा। संदेश यह था कि उनकी पार्टी के कई लोग आपके साथ जुड़ सकते हैं, इसलिए कृपया हमें बचा लीजिए, लेकिन उनमें से कुछ लोगों को साथ ले लीजिए।

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के 'ऑपरेशन टाइगर' से जुड़े बयान पर कहा कि संजय राउत एक नेता हैं। उन्हें समझना चाहिए कि अगर कोई 'चीज' बिकने के लिए नहीं है, तो उसे कोई नहीं खरीद सकता। अगर वह बिकने के लिए है, तो उसे खरीदा जा सकता है, कोई भी उसे खरीद सकता है। इसीलिए कहा जाता है, ऐसे नेता तैयार करें जो अडिग हों, न कि वे जो बिकने वाले हों। ममता बनर्जी ने ऐसे नेताओं को तैयार किया जो बिकने वाले थे, इसलिए वे बिक गए।

समाजवादी पार्टी की ओर से ब्राह्मण सभा करने पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो ब्राह्मण वहां जा रहे हैं, उन्हें अखिलेश यादव से पूछना चाहिए कि उनकी पार्टी के नेता भाटी ने ब्राह्मणों को लेकर विवादित बयान क्यों दिया था। अखिलेश यादव से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि उनकी पार्टी का कोई नेता ब्राह्मण समुदाय की तुलना इस तरह क्यों कर रहा है। यह मुद्दा वहां उठाया जाना चाहिए। कार्यक्रम में शामिल होने वालों को वहां मौजूद नेताओं से पूछना चाहिए कि भाटी के बयान पर उनका क्या कहना है और देखना चाहिए कि वे क्या जवाब देते हैं। वहां सिर्फ वही नेता जाएंगे जो टिकट चाहते हैं और दूसरों को भी साथ ले जाएंगे, लेकिन उन्हें वोट नहीं मिलेंगे। मैं एक उदाहरण देता हूं। पूर्वांचल में अखिलेश यादव ने परशुराम की एक मूर्ति लगवाई थी जिसमें कुल्हाड़ी ऊपर की ओर उठी हुई थी। चुनाव से पहले वह कुल्हाड़ी गिर गई, जिसे अशुभ माना गया। मैंने उनसे तभी कहा था कि उन्हें वोट नहीं मिलेंगे। अखिलेश यादव कोई भी सम्मेलन कर लें, कोई वोट नहीं देने वाला है।

2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन और सीट-शेयरिंग पर हो रही बातचीत पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि विधानसभा की 403 सीटें हैं। क्या वे सभी 403 सीटों के लिए तैयारी कर रहे हैं या सिर्फ कुछ सीटों के लिए। वे 2017 में पहले ही साथ मिलकर चुनाव लड़ चुके हैं। उनमें से एक पार्टी ने 47 सीटें जीती थीं, और अब हो सकता है कि वे उतनी सीटें भी न जीत पाएं। वे साथ मिलकर चुनाव लड़ें या अलग-अलग, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम

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