अखिलेश का अयोध्या दौरा पश्चाताप का अवसर, रामलला के दर्शन करें : भाजपा
लखनऊ, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग पर चल रही बयानबाजी को गठबंधन नहीं, लठबंधन करार दिया। त्रिपाठी ने दावा किया कि 2027 में भाजपा 2017 से भी बड़ी जीत दर्ज करेगी।
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, "मुस्लिम वोटों के लिए खींचतान मची हुई है। समाजवादी हो या कांग्रेस या एआईएमआईएम हो, सबका फोकस मुस्लिम वोटों को अपने पाले में करना है, हालांकि सच ये है कि आज के वक्त में मुस्लिम कौम भी इस बात को महसूस कर रही है कि वोट बैंक बनाकर सबने अपना बैंक बैलेंस बढ़ाया, लेकिन कैसे उनकी परेशानी दूर हो, उनकी तरक्की हो, इसके बारे में तो केवल प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी ने सोचा।"
उन्होंने कहा कि इसलिए कोई भी गठबंधन बनाने की कोशिश करें, कोई आरोप-प्रत्यारोप करे, इस बार परिस्थिति बदलने जा रही है। 2027 में 2017 से ज्यादा बड़ी जीत भाजपा की होगी।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश यादव को अयोध्या कभी भी अच्छी नहीं लगेगी। वो वहां जाएंगे तो 50 हजार करोड़ से ज्यादा की जो विकास की परियोजनाएं हैं, उनको भी देख पाएंगे और शायद पश्चाताप कर पाएंगे कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अयोध्या को क्यों भुला दिया था।
उन्होंने कहा कि रामलला के दर्शन करने के लिए वो अब तक नहीं गए। अभी अगर वो वहां जाकर क्षमा याचना कर लें, तो शायद उनके किए गए पुराने पापों के लिए कुछ माफी मिल सकेगी, लेकिन मजहबी वोट बैंक और तुष्टिकरण का मामला है। अखिलेश यादव के लिए यह काम बहुत मुश्किल है। वो अब भी प्रभु रामलला का दर्शन नहीं कर पाएंगे।
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि हाथ में हाथ नहीं, यहां तो दो-दो हाथ हो रहे हैं। सपा गठबंधन की बजाय लठबंधन बनाने का काम कर रही है। रोज बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस पार्टी के नेता सपा के खिलाफ और सपा वाले कांग्रेस के खिलाफ बयान दे रहे हैं। अब तो अखिलेश यादव सोशल मीडिया से सीधा हमला बोल रहे हैं। प्रत्यक्ष बातचीत की संभावना समाप्त होती नजर आ रही है। अखिलेश यादव के बयान पर इमरान मसूद पलटवार कर रहे हैं। ऐसे में गठबंधन नहीं, केवल लठबंधन होगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे के अवैध पीएम और गृहमंत्री वाले बयान पर राकेश त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें ये बात सबसे पहले राहुल गांधी से कहनी चाहिए। राहुल गांधी रायबरेली से और प्रियंका वाड्रा वायनाड से जो अवैध तरीके से निर्वाचित हुए, इस्तीफा दे देना चाहिए। केरल, कर्नाटक और हिमाचल की उनकी सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। खड़गे साहब को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वो उन्हीं विधायकों को दम पर राज्यसभा पहुंचे हैं, जिनका निर्वाचन अवैध है।
--आईएएनएस
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