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अकासा एयर ग्वालियर-दिल्ली-बेंगलुरु के बीच उड़ान शुरू करेगी, एयर कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा: ज्योतिरादित्य सिंधिया

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने गुरुवार को कहा कि मध्य प्रदेश के राजमाता विजयराजे सिंधिया हवाई अड्डे से ग्वालियर को दिल्ली और बेंगलुरु से जोड़ने वाली अकासा एयर की नियमित उड़ान सेवाएं जल्द ही शुरू होंगी।
अकासा एयर ग्वालियर-दिल्ली-बेंगलुरु के बीच उड़ान शुरू करेगी, एयर कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा: ज्योतिरादित्य सिंधिया

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने गुरुवार को कहा कि मध्य प्रदेश के राजमाता विजयराजे सिंधिया हवाई अड्डे से ग्वालियर को दिल्ली और बेंगलुरु से जोड़ने वाली अकासा एयर की नियमित उड़ान सेवाएं जल्द ही शुरू होंगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में सिंधिया ने कहा कि अकासा एयर की नई सेवाएं, ग्वालियर-दिल्ली-बेंगलुरु और बेंगलुरु-दिल्ली-ग्वालियर, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेंगी, जिससे यात्रियों को प्रमुख शहरों तक तेज और अधिक विश्वसनीय पहुंच मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इन सेवाओं से व्यापार, उद्योग, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा, “आधुनिक हवाई अड्डे के माध्यम से इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर की हवाई सुविधाओं से जोड़ने का हमारा संकल्प अब ठोस रूप ले रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल ग्वालियर के समग्र विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”

एयर इंडिया और इंडिगो के बाद, अकासा एयर ने पिछले महीने मध्य पूर्व में बदलते भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में वृद्धि के मद्देनजर अपनी उड़ानों पर ईंधन अधिभार की घोषणा की थी।

एक्स पर एक पोस्ट में, एयरलाइन ने कहा कि यह अधिभार उसके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 199 रुपए से 1300 रुपए तक होगा।

यह अधिभार 15 मार्च, 2026 को रात 12:01 बजे के बाद की गई सभी बुकिंग पर लागू होगा, जबकि उससे पहले बुक की गई टिकटों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

इसकी वजह मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमत में इजाफा होना है। इससे ब्रेंट क्रूड का दाम बढ़कर 96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जो कि एक फरवरी युद्ध शुरू होने से पहले करीब 70 डॉलर के आसपास था। दूसरी तरफ डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।

--आईएएनएस

एबीएस/

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