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बारामती प्लेन क्रैश में अजित पवार की मौत साजिश का नतीजा, न्‍यायिक जांच जरूरी: रविदास मेहरोत्रा

लखनऊ, 28 जनवरी (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अजित पवार समेत अन्य लोगों के साथ एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट में मौत होना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी नाकामी को दर्शाता है।
बारामती प्लेन क्रैश में अजित पवार की मौत साजिश का नतीजा, न्‍यायिक जांच जरूरी: रविदास मेहरोत्रा

लखनऊ, 28 जनवरी (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अजित पवार समेत अन्य लोगों के साथ एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट में मौत होना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी नाकामी को दर्शाता है।

रविदास मेहरोत्रा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए आशंका जताई कि अजित पवार भारतीय जनता पार्टी से नाखुश थे और उन्होंने भाजपा से अलग होकर बीएमसी चुनाव भी लड़ा था। इन राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए यह संदेह और गहरा हो जाता है कि यह विमान दुर्घटना किसी साजिश का नतीजा हो सकती है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन न्यायिक जांच (ज्यूडिशियल इन्क्वायरी) कराए जाने की मांग की।

इसी दौरान रविदास मेहरोत्रा ने अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर (जीएसटी) प्रशांत कुमार के इस्तीफे को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रशांत कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देने का केवल ड्रामा किया है। प्रशांत कुमार पर पहले से ही गलत दिव्यांगता प्रमाण पत्र जमा कर नौकरी पक्की करने के आरोप हैं और इस मामले की जांच भी चल रही है। इसके अलावा, उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े कई गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनकी अलग-अलग स्तर पर जांच जारी है।

उन्होंने दावा किया कि प्रशांत कुमार ने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि इन जांचों के चलते उन्हें जल्द ही सेवा से बर्खास्त किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि इस्तीफा देकर वह खुद को नैतिक दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई से बचने का यह एक प्रयास मात्र है।

बता दें कि अयोध्या के उपायुक्त कर प्रशांत सिंह ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणी से आहत होकर अपने पद से इस्तीफा देने की बात कही थी। हालांकि, इस इस्तीफे के पीछे की असली वजह को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, और विपक्ष इसे प्रशासनिक भ्रष्टाचार और दबाव से जोड़कर देख रहा है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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