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अजय राय-तनुज पुनिया का भाजपा पर निशाना, नई कार्यकारिणी समिति को बताया चुनावी दांव

अजय राय-तनुज पुनिया का भाजपा पर निशाना, नई कार्यकारिणी समिति को बताया चुनावी दांव
अजय राय-तनुज पुनिया का भाजपा पर निशाना, नई कार्यकारिणी समिति को बताया चुनावी दांव

लखनऊ, 25 जून (आईएएनएस)। भाजपा द्वारा उत्तर प्रदेश की नई राज्य कार्यकारिणी समिति की घोषणा के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा की नई टीम पर सवाल उठाते हुए इसे आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर उठाया गया कदम बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में भाजपा की नई राज्य कार्यकारिणी पर कहा कि केवल संगठनात्मक सूची जारी करने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। अपना काम कीजिए, आप सत्ता और सरकार में हैं। लिस्टें तो आती-जाती रहेंगी, लेकिन असल जरूरत जनता के बीच जाकर काम करने और लोगों को न्याय दिलाने की है।

भाजपा पर दलितों के अपमान का आरोप लगाते हुए अजय राय ने कहा कि सरकार को सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। भाजपा पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोग, जो जनता को धोखा देते हैं, चंदा और चढ़ावे से जुड़े विवादों में घिरे रहते हैं, वे पहले ही लोगों के दिलों और दिमागों में अपनी जगह खो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी भाजपा को सत्ता से बाहर करने का काम करेगी।

कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने भी भाजपा की नई कार्यकारिणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही भाजपा को संगठन की याद आई है। पुनिया ने सवाल करते हुए कहा कि अब तक ये लोग कहां थे? वे कहीं दिखाई नहीं दे रहे थे। जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं और उन्हें जनता के गुस्से का एहसास हो रहा है, खासकर अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच, वैसे-वैसे उन्हें ऐसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के दबे-कुचले और वंचित वर्गों का लगातार शोषण किया जा रहा है, जिसके कारण इन वर्गों का भाजपा से मोहभंग हो रहा है। इसी वजह से भाजपा को नई कार्यकारिणी की घोषणा करनी पड़ी है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस कदम का चुनावी राजनीति पर बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि जनता सरकार के कामकाज और उसके फैसलों को बारीकी से देख रही है।

--आईएएनएस

पीएसके/पीएम

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