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ऐसे वैश्विक हालात में विपक्ष को पैनिक बटन दबाकर राजनीति नहीं करनी चाहिए : रोहन गुप्ता

गुवाहाटी, 25 मार्च (आईएएनएस)। मध्य-पूर्व में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने बुधवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति की तारीफ की। साथ ही कांग्रेस पर ऐसे समय में राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया।
ऐसे वैश्विक हालात में विपक्ष को पैनिक बटन दबाकर राजनीति नहीं करनी चाहिए : रोहन गुप्ता

गुवाहाटी, 25 मार्च (आईएएनएस)। मध्य-पूर्व में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने बुधवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति की तारीफ की। साथ ही कांग्रेस पर ऐसे समय में राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया।

रोहन गुप्ता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "हकीकत के लिए आपको कोई दावा करने की जरूरत नहीं है। सभी जानते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में काफी जहाज फंसे हुए हैं। भारत सरकार अपनी कूटनीति से इसका समाधान खोज रही है। आज भी दो जहाज वहां से निकलकर भारत आ रहे हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तान जो दावा कर रहा था कि हम मध्यस्थता करेंगे, लेकिन उसके जहाज ईरान ने वापस भेज दिए। ऐसे में हमारी कूटनीति ढिंढोरा पीटने वाली नहीं, बल्कि यह है कि जनता के विश्वास को कैसे बरकरार रखा जाए। 140 करोड़ जनता की ऊर्जा-सुरक्षा को कैसे बनाए रखा जाए, उसके लिए शोर मचाने की आवश्यकता नहीं है। जनता तय करेगी कि किसकी कूटनीति अच्छी है।

उन्होंने कहा, "जो चिल्ला-चिल्लाकर दूसरे देशों की तारीफ कर रहे थे, उन्हें आज जवाब देना चाहिए। ऐसे समय में विपक्ष को पैनिक बटन दबाकर राजनीति नहीं करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने बताया है कि यह संकट का समय है और 140 करोड़ भारतीय को मिलकर इस संकट से बाहर निकलना है। विपक्ष को ऐसे हालात में राजनीति नहीं करनी चाहिए। अगर वे ऐसे समय में राजनीति करेंगे तो देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।"

उन्होंने असम चुनाव से ठीक पहले कई कांग्रेसी नेताओं के भाजपा में शामिल होने को लेकर कहा, "असम की स्थिति साफ है। जनता ने भी तय कर लिया है कि उन्हें भाजपा-एनडीए के साथ ही आगे बढ़ना है। कांग्रेस की हालत इसलिए ऐसी है, क्योंकि उनके दरबारियों ने जमीनी स्तर की हकीकत को ऊपर तक नहीं पहुंचाया। वे तुष्टिकरण की राजनीति में इतने लिप्त हो गए कि उन्हें पता नहीं चला कि असम की जनता क्या चाहती है? इसी परिस्थिति में उनके नेता, जो धरातल से जुड़े थे और जब उन्हें लगा कि इस नैरेटिव के साथ वे जनता के बीच में नहीं जा सकते, तो उन लोगों ने पार्टी का साथ छोड़ दिया।"

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "चुनाव से पहले ही कांग्रेस पार्टी हार चुकी है और पार्टी ने हथियार डाल दिए हैं। जनता की सोच और कांग्रेस पार्टी की हाईकमान की सोच में बहुत बड़ा फर्क आ चुका है। मैं असम चुनाव में भाजपा और एनडीए की अप्रत्याशित जीत देख रहा हूं। कांग्रेस एक ऐसी बात है, जिसकी देश के तीन राज्यों में सरकार है। पार्टी वहां पर कुछ कर नहीं पाती है और केंद्र सरकार को हर दिन नया भाषण देती है।"

रोहन गुप्ता ने कहा, "यही तुलना आज देश के सामने है कि आज 25 दिन हो गए, लेकिन केंद्र सरकार ने सामान्य पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए। वहीं, कांग्रेस-शासित हिमाचल प्रदेश में सरकार ने सेस के नाम पर 5 रुपए तक कीमत बढ़ाने का फरमान जारी कर दिया। जनता ने कांग्रेस को देश के दो-तीन राज्यों में काम करने का मौका दिया है। उन्हें उन राज्यों में कुछ बेहतर करके दिखाना चाहिए, उसके बाद भाषण देना चाहिए। जनता जानती है कि कांग्रेस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।"

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

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