एआईआईएमएस ऋषिकेश का छठा दीक्षांत समारोह संपन्न, उपराष्ट्रपति ने छात्रों को सेवा और नैतिकता का दिया संदेश
ऋषिकेश, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में गुरुवार को छठा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल गुरमीत सिंह भी मौजूद रहे।
समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने संस्थान की वार्षिक पत्रिका 'रुद्राक्ष' का विमोचन किया। इस पत्रिका में पिछले एक वर्ष में संस्थान की उपलब्धियों, शोध कार्यों और शैक्षणिक प्रगति को शामिल किया गया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल पढ़ाई पूरी होने का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह छात्रों के जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत भी है।
स्नातक हो रहे छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने पेशे में ईमानदारी, संवेदनशीलता और सेवा भाव को हमेशा प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान देश की भूमिका का भी जिक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने मजबूत और प्रभावी तरीके से इस चुनौती का सामना किया। उन्होंने देश में बड़े स्तर पर चलाए गए टीकाकरण अभियान और अन्य देशों को टीके उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये प्रयास मानवता और वैश्विक सहयोग की भावना को दर्शाते हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने छात्रों को बधाई दी और कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में काम करना मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने युवा डॉक्टरों से लगातार सीखते रहने, मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि हर नागरिक को बेहतर इलाज मिल सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर को छात्रों के जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि अब ये युवा डॉक्टर समाज की सेवा के लिए आगे बढ़ेंगे। उन्होंने खासतौर पर पहाड़ी और दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत पर जोर देते हुए डॉक्टरों से वहां काम करने की अपील की।
इस दौरान संस्थान की भूमिका की भी सराहना की गई। बताया गया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश ने टेलीमेडिसिन, हेलीकॉप्टर सेवा और अन्य आधुनिक सुविधाओं के जरिए दूर-दराज के इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
समारोह के अंत में विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए डिग्रियां दी गईं। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को उपराष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार और स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। यह समारोह संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता और देश की स्वास्थ्य सेवा में उसके योगदान का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बना।
--आईएएनएस
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