एआईएफएफ ने पूर्व फॉरवर्ड सैयद हबीबुल हसन हमीद के निधन पर जताया शोक
नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) ने पूर्व भारतीय फॉरवर्ड सैयद हबीबुल हसन हमीद के निधन पर शोक जताया है, जिनका शुक्रवार को हैदराबाद में निधन हो गया। हमीद के परिवार में पत्नी, एक बेटी और दो बेटे हैं।
सैयद हबीबुल हसन हमीद ने भारत के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था, जो 1964 के एफसी एशियन कप में हांगकांग के खिलाफ तेल अवीव में हुआ था। उस मुकाबले में भारत ने 3-1 से जीत दर्ज की थी। वह 1960 के रोम ओलंपिक में भारतीय दल का हिस्सा भी रहे थे और 1964 के प्री-ओलंपिक टूर्नामेंट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने एआईएफएफ की ओर से जारी एक बयान में उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा, "सैयद हबीबुल हसन हमीद अपने जमाने में एक बहुत अच्छे फॉरवर्ड थे। भारतीय फुटबॉल में उनके योगदान को हमेशा बहुत सम्मान के साथ याद किया जाएगा। इंडियन फुटबॉल कम्युनिटी की तरफ से मैं उनके परिवार, दोस्तों और पूरी फुटबॉल बिरादरी के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।"
घरेलू स्तर पर हमीद ने संतोष ट्रॉफी में हैदराबाद, बंगाल और महाराष्ट्र दोनों को रिप्रेजेंट किया और 1963 में महाराष्ट्र के साथ टूर्नामेंट जीता।
क्लब लेवल पर, हबीबुल हसन हमीद ने सिटी कॉलेज ओल्ड बॉयज (हैदराबाद), मोहम्मडन स्पोर्टिंग, ईस्ट बंगाल और टाटा स्पोर्ट्स की प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने मोहम्मडन स्पोर्टिंग के साथ आगा खान गोल्ड कप (1960), डॉ. एचके मुखर्जी शील्ड (1960), और डीसीएम ट्रॉफी (1961) और ईस्ट बंगाल के साथ रोवर्स कप (1962, जॉइंट) जीता।
अपने सुनहरे दौर में आंध्र प्रदेश भारत के प्रमुख फुटबॉल केंद्रों में से एक था, जहां से सैयद नईमुद्दीन और शब्बीर अली जैसे कई बेहतरीन खिलाड़ी निकले। राज्य ने संतोष ट्रॉफी के लिए होने वाली राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप 1965-66 में खिताब भी जीता था।
इससे पहले, हैदराबाद का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम ने 1957 और 1958 में संतोष ट्रॉफी के दो खिताब अपने नाम किए थे। उस दौर में सैयद ख्वाजा अजीज-उद-दीन, मुहम्मद नूर, एंथनी पैट्रिक और सैयद शाहिद हकीम जैसे खिलाड़ी उभरकर सामने आए थे।
--आईएएनएस
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