एआई समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोलीं मार्गरेट अल्वा, 'अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान होनी चाहिए जिम्मेदारी की भावना
बेंगलुरु, 22 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कई बार सांसद रह चुकीं मार्गरेट अल्वा ने दिल्ली में एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन की निंदा की है।
मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान गरिमा और अनुशासन बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "मेरा मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान गरिमा और अनुशासन बनाए रखना चाहिए और जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए।"
हालांकि, राहुल गांधी के बारे में एक नेता के तौर पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "वह एक नेता हैं और जनता उन्हें स्वीकार करती है। उनका बहुत बड़ा योगदान है और जिस तरह से वह संघर्ष कर रहे हैं, मैं उन्हें बधाई देती हूं।"
बता दें कि एआई समिट के दौरान प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर रही है। इससे पहले चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब खबर है कि पुलिस इस मामले की जांच के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस प्रदर्शन से पता चलता है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी वैचारिक रूप से दिवालिया हो गई है।
मेरठ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज भारतीय एक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, देश में कुछ राजनीतिक दल ऐसे हैं जो देश की प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं। कुछ ही दिन पहले भारत ने विश्व के सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की... किसी भी विकासशील देश में ऐसा ऐतिहासिक आयोजन नहीं हुआ था। मैं आपसे पूछता हूं, क्या आपको इस एआई शिखर सम्मेलन पर गर्व नहीं हुआ?"
उन्होंने कहा, "पूरा देश गर्व से भर गया था। लेकिन कांग्रेस ने क्या किया? उन्होंने एक वैश्विक आयोजन को अपनी गंदी और नग्न राजनीति का मंच बना दिया। कांग्रेस नेता विदेशी मेहमानों के सामने कार्यक्रम स्थल पर नग्न अवस्था में पहुंचे।"
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "मैं कांग्रेस नेताओं से पूछता हूं, देश जानता है कि आप पहले से ही नंगे हैं, तो आपको अपने कपड़े उतारने की क्या जरूरत महसूस हुई? इससे पता चलता है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी वैचारिक रूप से दिवालिया हो चुकी है।"
--आईएएनएस
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