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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एआई समिट के प्रतिनिधियों और सीईओ से की मुलाकात

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। एआई समिट में हिस्सा ले रहे सीआओ और प्रतिनिधियों के एक समूह ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एआई समिट के प्रतिनिधियों और सीईओ से की मुलाकात

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। एआई समिट में हिस्सा ले रहे सीआओ और प्रतिनिधियों के एक समूह ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की।

इस दौरान उपराष्ट्रपति ने सीईओ और प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए एआई के प्रति काफी उम्मीदें जताईं। उन्होंने कहा कि यह तकनीक न केवल मौजूदा भूमिकाओं को बदलेगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि भारत की एआई समिट की मेजबानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में एक प्रमुख खिलाड़ी और स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सुशासन में परिवर्तन के एक प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करती है। एक बयान में कहा गया है कि प्रतिनिधियों ने इस बात पर अपने विचार साझा किए कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस प्रकार वैश्विक कार्य परिदृश्य को मौलिक रूप से बदल रही है और नए अवसरों के द्वार खोल रही है।

बयान में कहा गया है कि उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और रोजगार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डाला और बताया कि भारत बड़े पैमाने पर एआई-आधारित नवाचार और तैनाती से लाभ उठाने के लिए विशिष्ट रूप से सक्षम है। उन्होंने एक मजबूत और सहयोगात्मक एआई पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में निरंतर सहयोग के लिए भारत एआई मिशन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

प्रतिनिधियों ने एसआई समिट को व्यापकता और प्रभाव के लिहाज से शानदार बताया, जिसमें देश भर के उभरते हुए युवाओं की प्रतिभा, इनोवेटिव आइडिया और दूरदर्शी समाधानों का जीवंत प्रदर्शन हुआ। उन्होंने व्यावहारिक और नागरिक-केंद्रित अनुप्रयोगों पर भी चर्चा की, जिनमें संसदीय कार्यवाही में एआई-संचालित समवर्ती भाषा अनुवाद का उपयोग शामिल है, जो शासन में सुलभता, दक्षता और समावेशिता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकता है।

उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि एआई सटीकता बढ़ाता है, कार्यप्रवाह को सुव्यवस्थित करता है और व्यापक सामाजिक लाभ उत्पन्न करता है। उन्होंने समावेशी और जन-केंद्रित एआई दृष्टिकोण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला, जो देश में पहुंच को व्यापक बनाता है और अवसर पैदा करता है। उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि जब भारत और उसके लोगों को सही अवसर और मंच दिए जाते हैं, तो उनकी क्षमता असीमित होती है, और आने वाले वर्ष देश के लिए निर्णायक और सफल साबित होंगे।

--आईएएनएस

सत्यम/डीकेपी

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