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एआई समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन संविधान के तहत था : राकेश सिन्हा

रांची, 23 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुए एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शर्टलेस प्रोटेस्ट को लेकर भाजपा के निशाने पर कांग्रेस पार्टी आ गई है। भाजपा राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग कर रही है, तो वहीं, पीएम मोदी ने भी कांग्रेस को इस बर्ताव के लिए लताड़ा है। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इस प्रोटेस्ट का समर्थन किया है।
एआई समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन संविधान के तहत था : राकेश सिन्हा

रांची, 23 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुए एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शर्टलेस प्रोटेस्ट को लेकर भाजपा के निशाने पर कांग्रेस पार्टी आ गई है। भाजपा राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग कर रही है, तो वहीं, पीएम मोदी ने भी कांग्रेस को इस बर्ताव के लिए लताड़ा है। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इस प्रोटेस्ट का समर्थन किया है।

झारखंड से कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि एआई समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन संविधान के तहत था।

कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि मुझे लगता है कि जो यूथ कांग्रेस के लोगों ने किया, वो बिल्कुल देश के सम्मान को बचाने के लिए किया है और लोकतंत्र में हमें विरोध करने का अधिकार है। लोकतंत्र में कहां जाकर विरोध करें। इनके घर पर जाकर विरोध करें। हमने विरोध किया है और ये अधिकार हमको संविधान देता है।

कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने मणिशंकर अय्यर के टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को इंडिया ब्लॉक का लीडर बताए जाने पर कहा कि मुझे ये लगता है कि मणिशंकर अय्यर अपने स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं। पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। अब क्योंकि उनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने वाला है और वो इस बात को मान चुके हैं कि हमें अब राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा। तो वो दबाव बनाने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। कौन गठबंधन का नेता बनेगा, कौन गठबंधन का नेता नहीं बनेगा, यह मणिशंकर अय्यर तय नहीं करेंगे। उसका एक प्लेटफॉर्म है और वो प्लेटफॉर्म तय करता है कि कौन गठबंधन का नेता बनेगा।

कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर अफगानिस्तान के नए कानून पर कहा, "कोई भी कानून बनता है, तो वो समानता का अधिकार देता है। कानून का मतलब समानता का अधिकार है। कानून किसी को ऊपर और किसी को नीचे रखने के लिए नहीं बनता है। महिलाएं चाहे इस देश की हों या किसी भी मुल्क की, महिलाओं का जो एक दर्जा है, स्वाभाविक तौर पर वो बरकरार रहना चाहिए। महिलाओं का सम्मान देश का सम्मान होता है।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम

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