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एआई एक ऐसा 'राक्षस' है, जिसे इंसानों ने खुद बनाया है : आदिल हुसैन

एआई एक ऐसा 'राक्षस' है, जिसे इंसानों ने खुद बनाया है : आदिल हुसैन
एआई एक ऐसा 'राक्षस' है, जिसे इंसानों ने खुद बनाया है : आदिल हुसैन

मुंबई, 24 जुलाई (आईएएनएस)। इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एक तरफ जहां दुनियाभर की जानकारियों को हमारी उंगलियों पर खड़ा कर दिया है। वहीं, अत्यधिक और अप्रामाणिक सूचनाओं का कबाड़खाना भी पैदा किया है। हाल ही में आईएएनएस के साथ खास बातचीत में अभिनेता आदिल हुसैन ने इस विषय पर अपनी राय साझा की।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट एक काम का टूल है ही लेकिन असली ज्ञान केवल डेटा या जानकारी जुटाना नहीं बल्कि अपनी अपने विचारों में तालमेल और मौलिकता लाना है। आज के समय में, जब एल्गोरिदम और बाजार की ताकतें हमारी पसंद और सोच को तय कर रही हैं, तब मौलिक विचार बने रहना ही सबसे बड़ी चुनौती है।

उन्होंने समझाते हुए कहा, "इंटरनेट एक बहुत बड़ी ताकत है लेकिन उसके अच्छे और बुरे दोनों पहलू हैं। हमें बुरे पक्ष में भी अच्छी चीजें ढूंढनी होंगी। यही बात एआई पर भी लागू होती है। एआई की सबसे बड़ी समस्या यह है कि उसने लोगों का बहुत सारा डेटा उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया है। इससे कई लोगों का शोषण हुआ है, जबकि इसका फायदा दुनिया के कुछ बड़े और अमीर लोगों को ही मिला है। इसलिए एआई भी एक ऐसा 'राक्षस' है जिसे इंसानों ने खुद बनाया है।"

एआई की अपनी राय साझा करते हुए अभिनेता ने कहा, "मेरे हिसाब से एआई की असली बुद्धिमत्ता नहीं है। यह सिर्फ इंसानों द्वारा पहले से बनाई गई जानकारी को इकट्ठा करके उसे प्रोसेस करने वाला एक सिस्टम है। इसमें हम खुद से नया या मौलिक बनाने की क्षमता नहीं है। यह सामान्य स्तर के लोगों के काम को आसान बना सकता है, लेकिन इसमें असली रचनात्मकता, कला या मौलिक सोच नहीं है। इसलिए एआई से मिलने वाली जानकारी को सोच-समझकर और परखकर इस्तेमाल करना चाहिए।"

अभिनेता आदिल हुसैन की बात करें, तो वे फिल्म पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति द्वारा निर्देशित फिल्म 'मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी' में नजर आ रहे हैं। इस फिल्म में आदिल एक सख्त और अनुशासन-प्रिय पिता की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म 24 जुलाई से सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

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